नाबालिग से दरिंदगी कर लाश कब्रिस्तान में लटकाने वाले अपराधियों का पुलिस ने किया ‘इलाज’, भाग रहे दोनों हैवानों के पैर में मारी गोली ।
संतकबीर नगर में दहला देने वाला एनकाउंटर: नाबालिग से दरिंदगी कर हत्या करने वाले 2 जिहादी मानसिकता के आरोपी ढे़र होते-होते बचे।
# पुलिस की फायरिंग से अभियुक्तों के पैर में लगी गोली !
# ऑपरेशन क्रैक डाउन’ के तहत संतकबीरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई- सबूत मिटाने के लिए लाश को कब्रिस्तान के पास पेड़ से लटकाया था, भागने की कोशिश पर पुलिस ने सिखाया सबक!
संतकबीर नगर।
जनपद संतकबीर नगर से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 16 साल की मासूम नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। दरिंदों ने न सिर्फ नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को सुसाइड का रूप देने की नाकाम कोशिश भी की। लेकिन कानून के लंबे हाथों से ये पापी बच नहीं सके। ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ अभियान के तहत संतकबीर नगर पुलिस ने न सिर्फ दोनों मुख्य अभियुक्तों को दबोचा, बल्कि जब उन्होंने पुलिस कस्टडी से भागने की जुर्रत की, तो पुलिस की बंदूकों ने गरजते हुए उनके पैरों को गोलियों से घायल कर दिया।
# कब्रिस्तान के पास मिली थी लाश, सुसाइड का रचा था ड्रामा –
घटनाक्रम के मुताबिक, बीते 28 जून को एक बेबस मां ने अपनी 16 वर्षीय बेटी की गुमशुदगी और फिर उसकी खौफनाक मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतका को कुछ दिन पहले बहला-फुसलाकर भगाया गया था। 28 जून की सुबह तड़के 2 बजे जब मां अपनी बेटी को देखने बिस्तर पर गई तो वह गायब थी। सुबह करीब 7 बजे जो मंजर सामने आया, उसने पूरे इलाके को थर्रा कर रख दिया। कब्रिस्तान के पास एक सागौन के पेड़ से लड़की की लाश उसके ही दुपट्टे के सहारे लटकी मिली, जबकि उसका पूरा शरीर जमीन पर टिका हुआ था। साफ था कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि दरिंदगी के बाद साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश थी।
# तड़के 4 बजे साक्ष्य बरामदगी के दौरान ‘फिल्मी’ एनकाउंटर –
पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के कड़े निर्देशन और भारी पुलिस बल की मुस्तैदी के चलते पुलिस ने आज (1 जुलाई 2026) बालूशासन पुल के पास से दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों की पहचान मुहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू उर्फ पिल्ले के रूप में हुई है।
असली हाई-वोल्टेज ड्रामा सुबह करीब 4:00 बजे जंगल बेलहर के पास हुआ। पुलिस दोनों आरोपियों को मृतका का मोबाइल और सिम कार्ड बरामद करने के लिए ले गई थी। अंधेरे का फायदा उठाकर दोनों हैवानों ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उन्हें बार-बार रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने, तो पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और ‘कड़क’ कार्रवाई करते हुए सीधा फायर झोंक दिया।
सीधे पैर पर लगी गोली:-
पुलिस की सटीक फायरिंग में दोनों अभियुक्तों के पैरों में गोलियां लगीं और वे चीखते हुए जमीन पर गिर पड़े। लहूलुहान हालत में दोनों को तुरंत मेहदावल सीएचसी ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल खलीलाबाद रेफर कर दिया गया है।
# पूछताछ में कबूला खौफनाक सच: लगेगी पॉक्सो और SC/ST एक्ट की धाराएं –
पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने माना कि उन्होंने ही नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और फिर पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी। पुलिस अब इस मामले में दुष्कर्म (Rape), पॉक्सो (POCSO Act) और एससी/एसटी (SC/ST Act) की संगीन धाराएं बढ़ाने जा रही है, जिससे इन दरिंदों को फांसी के फंदे तक पहुँचाया जा सके।
# सफलता पाने वाली जांबाज टीम को 25,000 का इनाम –
इस बेहद संवेदनशील और खौफनाक मामले का पर्दाफाश करने वाली संयुक्त टीम (थानाध्यक्ष बेलहरकला श्री हरिकेश भारती व एसओजी प्रभारी रजनीश राय की टीम) की बहादुरी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने 25,000 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है। अपराधियों में इस एनकाउंटर के बाद से भारी खौफ का माहौल है।

(संदीप कुमार मीना – पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर)
