दुसाध एवं ढारी जाति को लेकर उत्पन्न विसंगति पर लोसपा (रामविलास) ने डीएम को सौंपा ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीरनगर-
आज दिनांक 14 अगस्त 2026 को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष लालचंद्र दुसाध के नेतृत्व में जनपद संत कबीर नगर में दुसाध अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा दुसाध एवं ढारी के संबंध में उत्पन्न विसंगति के समाधान हेतु जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया।
इसकी एक प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रेषित की गई है।
संतकबीरनगर जनपद में दुसाध अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने और ‘दुसाध’ एवं ‘ढारी’ के संबंध में उत्पन्न विसंगति का समाधान।
ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि संत कबीर नगर सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अनुसूचित जाति से संबंधित दुसाध समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिन्हें बोलचाल की भाषा में ‘ढारी’ भी कहा जाता है। दुसाध जाति से संबंधित सात उपजातियों के उल्लेख नियम 301 के अंतर्गत किए जाने की बात सामने आती है, जिसमें ‘ढारी’ को भी सम्मिलित बताया गया है।
इसके बावजूद वर्तमान में जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया में दुसाध एवं ढारी को लेकर विसंगति उत्पन्न हो रही है। जिला जाति सत्यापन कमेटी द्वारा भी इस विषय की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई है।
* प्रशासनिक समस्या: दुसाध समुदाय के अनेक व्यक्तियों को पूर्व में सक्षम अधिकारियों द्वारा दुसाध जाति के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, किंतु वर्तमान में उन्हीं परिवार के अन्य सदस्यों को दुसाध जाति का प्रमाण पत्र जारी करने में आपत्ति की जा रही है, जिससे संबंधित परिवारों के सामने गंभीर प्रशासनिक एवं सामाजिक समस्या उत्पन्न हो रही है।
पार्टी ने मांग की है कि यदि प्रशासनिक अभिलेखों अथवा संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार दुसाध और ढारी में कोई अंतर माना जाता है, तो उस अंतर की स्पष्ट व्याख्या एवं विधिসম্মত समाधान किया जाए। साथ ही, पूर्व में जारी किए गए जाति प्रमाण पत्रों और वर्तमान में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में समानता एवं स्पष्टता सुनिश्चित की जाए ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इस दौरान ज्ञापन पर लालचंद्र दुसाध सहित कई अन्य लोग एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
