गो-आश्रय जिगिना एवं गो-आश्रय भगौसा का DM ने किया औचक निरीक्षण।
गोवंशों हेतु भूसा, हरा चारा की उपलब्धता एवं गोशालाओं में नियमित साफ-सफाई के दिये गये निर्देश।
संत कबीर नगर ।
जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा सेमरियांवा विकास खण्ड अन्तर्गत गो-आश्रय स्थल जिगिना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा 14 गोवंशों को गो-आश्रय स्थल शिवापार में शिफ्ट किए जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में तीन गोवंश बीमार पाए गए जिनका पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया जा रहा है। गौशाला में तीन केयरटेकर कार्यरत हैं।
निरीक्षण के दौरान गो-आश्रय स्थल जिगिना के बगल में यू0पी0सिडको द्वारा निर्माणाधीन नाली की गुणवत्ता सतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को जांच टीम गठित कर जांच आख्या उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जिगिना गो-आश्रय स्थल के पीछे स्वास्थ्य केंद्र की जमीन मौके पर खाली पाए जाने पर गौशाला के उपयोग हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया। इस संबंध में उन्होंने खंड विकास अधिकारी को इसका प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत किए जाने हेतु निर्देशित किया है।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा विकासखंड बेलहर कला अंतर्गत गो-आश्रय स्थल भगौसा का भी स्थलीय निरीक्षण कर गोवंशों के स्वास्थ्य, भूसा, चारा, पानी एवं साफ-सफाई का निरीक्षण किया गया। गौशाला में 6 केयर टेकर कार्यरत हैं।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला में गोबर की खाद रखी गई है जिसे जिलाधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया कि रखी गई गोबर की खाद को वन विभाग, उद्यान विभाग अथवा नर्सरी से संपर्क कर उसमें भिजवा दें अथवा प्राइवेट लोगों को यदि जरूरत है तो इसे बेंच दिया जाए।
गो-आश्रय स्थल में निरीक्षण के दौरान साफ सफाई का अभाव पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नियमित साफ सफाई का निर्देश देते हुए कहा कि गौशाला में ब्लीचिंग पाउडर, फिनायल आदि से साफ सफाई कराई जाए।
जिलाधिकारी द्वारा गो-आश्रय स्थल भगौसा के सामने उपलब्ध बंजर की जमीन की पैमाइश किए जाने हेतु संबंधित उप जिला अधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि दो दिन के अंदर जमीन की पैमाइश कर आख्या उपलब्ध करायें।

