सावन मास के प्रथम सोमवार पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने प्राचीन तामेश्वर धाम मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना।
संत कबीर नगर-
आज दिनांक 03 अगस्त 2026 को सावन मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर जिलाधिकारी संतकबीरनगर आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा जनपद के प्रसिद्ध एवं प्राचीन तामेश्वर धाम मंदिर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक किया गया तथा जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
पूजन-अर्चन उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल, सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल प्वाइंट, ड्यूटी प्वाइंट तथा श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता, संवेदनशीलता एवं पूर्ण मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुगम वातावरण में दर्शन-पूजन कर सके।
निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल, स्वच्छता एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न होने पाए तथा प्रत्येक व्यवस्था पर सतत निगरानी बनाए रखी जाए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि सावन मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जनपद पुलिस पूर्ण सतर्कता एवं सजगता के साथ कार्य कर रही है।
सभी प्रमुख शिवालयों एवं धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, यातायात प्रबंधन तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिसकर्मी अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सावन मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं, जिससे श्रद्धालु निर्भय एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप पूजा-अर्चना कर सकें।
