पानी चलाने के विवाद में मारपीट में हुई मौत में पांच वर्ष कारावास।
संत कबीर नगर-
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के थाना दुधारा अंतर्गत करमा खान में पानी चलाने के विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई हिंसक मारपीट और एक व्यक्ति की मौत के मामले में माननीय न्यायालय ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना दिया है। न्यायालय ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक संतराम को गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया है, जबकि अन्य सह-आरोपी शक्तिमान को दोषसिद्ध कर परिवीक्षा का लाभ दिया है
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि घटना 20 जून 2024 की रात लगभग 8:30 बजे की है। पीड़िता सोना देवी पत्नी शम्भू नाथ निवासी करमा खान ने थाना दुधारा पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके घर के पास नहाने के पानी को चलाने और नल की बात को लेकर उनके पटीदार संतराम पुत्र रामदेव, शक्तिमान पुत्र सन्तराम आदि लाठी-डंडा लेकर आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।
बीच-बचाव करने आए उनके पति शम्भू नाथ, उनके लड़के शिवसागर और बेटियों साधना व वन्दना को भी गंभीर चोटें आईं। घायलों को इलाज के लिए तुरंत सरकारी अस्पताल सेमरियावां ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान शम्भू नाथ की मृत्यु हो गई। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना में सन्तराम की पुत्रियां सुन्दरी और कुसुम पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 9 साक्षियों ने साक्ष्य दिया।
सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने संतराम को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष का साधारण कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किए ।अर्थदंड न देने पर छः माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिए तथा अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशी वादिनी सोना देवी को देने का आदेश दिए है। सह आरोपी शक्तिमान को न्यायालय ने धारा 323 के अपराध के तहत दोषी पाते हुए सदाचरण बनाए रखने की शर्त पर ‘परिवीक्षा अधिनियम’ लाभ दिया गया है। उसे 25,000 रुपये के दो जमानती और इतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, ताकि वह एक वर्ष तक अच्छा आचरण बनाए रखे।
