“नेताओं के वादे खोखले, सड़कें बनीं ‘यमराज’, सालों से इस खस्ताहाल रास्ते पर घिसट रही ग्रामीणों की जिंदगी!”
# “वोट बैंक बने ग्रामीण, सड़क के नाम पर मिला सिर्फ गड्ढा! कई वर्षों से आंसू बहाने को मजबूर पूरा गांव”।
# “विकास के दावों की खुली पोल! सालों से टूटी सड़क पर हर दिन जान हथेली पर रखकर चलते हैं ग्रामीण”
ब्यूरो रिपोर्ट – के0 पी0 मौर्य
संत कबीर नगर –
जनपद में कई गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। यह सड़क क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है।
यह सड़क जंगल ऊन, बलुआरा, अजगैबाघाट, बउरहवा, सरही जैसे कई गांवों को जोड़ती है। इन गांवों में हजारों की संख्या में लोग निवास करते हैं, जिनका प्रतिदिन इस सड़क से आना-जाना होता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की है। हालांकि, उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में कई प्रधान, सांसद और विधायक आए और गए, लेकिन किसी ने भी इस सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
चुनाव के दौरान नेताओं द्वारा वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है। ग्रामीण आज भी उसी खराब और टूटी हई सडक पर चलने को मजबूर है।
