मटेरा से 2027 का चुनावी बिगुल फूंकेंगे ओवैसी, शौकत अली की उम्मीदवारी पर लग सकती है मुहर।
ब्यूरो रिपोर्ट- दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 12 जून।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 14 जून का दिन बहराइच के लिए खास महत्व रखने जा रहा है। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष Asaduddin Owaisi मटेरा विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस जनसभा को वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसी मंच से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Shaukat Ali को 284 मटेरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है।
बहराइच स्थित पार्टी जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शौकत अली ने कहा कि मटेरा विधानसभा वर्षों से विकास की मुख्यधारा से कटकर रह गई है। क्षेत्र की जर्जर सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर तथा बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी यहां की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार जनप्रतिनिधियों को चुनती रही, लेकिन क्षेत्र की तस्वीर नहीं बदल सकी।
उन्होंने कहा कि मटेरा की जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि जवाब मांग रही है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हैं, कई क्षेत्रों में लोगों को आज भी आवश्यक सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। युवाओं को रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। ऐसे मुद्दों को लेकर एआईएमआईएम जनता के बीच जाएगी और उनके हक की आवाज बनेगी।
शौकत अली ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज बनना है जिनकी समस्याएं वर्षों से अनसुनी की जाती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मटेरा की जनता बदलाव चाहती है और यही बदलाव आने वाले चुनाव में दिखाई देगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बहराइच की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हज़रत सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु विभिन्न धर्मों और समुदायों से आकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। यह स्थान प्रेम, भाईचारे और आपसी एकता का संदेश देता है तथा समाज को जोड़ने का काम करता है।
उन्होंने कहा कि बहराइच की धरती हमेशा से सामाजिक समरसता और साझा संस्कृति की मिसाल रही है। ऐसे में यहां से दिया गया कोई भी राजनीतिक संदेश केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे प्रदेश में प्रभाव छोड़ता है।
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार 14 जून को होने वाली जनसभा में हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की संभावना है। जनसभा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और संगठन स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यह दौरा पूर्वांचल और तराई क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।
अब सभी की निगाहें 14 जून की जनसभा पर टिकी हैं, जहां ओवैसी के संबोधन के साथ-साथ मटेरा विधानसभा के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है।
