डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई गौसंरक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक !
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच !
जनपद में संचालित अस्थायी गो आश्रय स्थलों एवं बृहद् गो संरक्षण केंद्रों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा हेतु विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय गौसंरक्षण, अनुश्रवण, मूल्याकंन समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने निर्देश दिया कि गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के सापेक्ष शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दान व क्रय से भूसा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए साथ ही संरक्षित गोवंशों को मानक के अनुसार हरा चारा व दाने के साथ नमक व गुड भी उपलब्ध कराया जाय। डीएम ने निर्देश दिया ग्रीष्म ऋतु को मद्देनज़र रखते हुए सभी गोआश्रय स्थलों पर गर्मी व लू से बचाव के बन्दोबस्त किये जाएं साथ ही संरक्षित गोवंशों हेतु छाया एवं ताजे़ पानी की उपलब्धता भी की जाय।
डीएम ने निर्देश दिया कि गोआश्रय पोर्टल पर दैनिक रूप से संरक्षित गोंवशों का अंकन सुनिश्चित किया जाए तथा आश्रय स्थलों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों के लिए राउण्ड-द-क्लाक पावर बैकअप एवं वाई-फाई की व्यवस्था की जाये। डीएम ने कहा कि गोाआश्रय स्थलों पर भूसा/चारा/चोकर का प्रवर्तन शासनादेशानुसार सुनिश्चित किया जाए तथा मौसम के अनुरूप चारा, पानी आदि की नियमित सफाई भी कराई जाए। पशु चिकित्साधिकारी नियमित रूप से आश्रय स्थलों का भ्रमण कर संरक्षित गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार व टीकाकरण करायें।
डीएम श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिया कि गोआश्रय स्थलों पर बीमार गोवंशों हेतु पृथक शेड/आइसोलेशन व्यवस्था के साथ ही बड़े गोवंश हेतु पर्याप्त फेंसिंग कराई जाए तथा निराश्रित/बीमार गोवंश हेतु कम से कम 150/200 वर्गफुट का क्षेत्रफल उपलब्ध कराया जाए। बीमार गोवंशों के उपचार हेतु बेहतर प्रबन्ध किये जायें। डीएम ने कहा कि 191 एकड टैग्ड गोचर भूमि पर नैपियर एवं अन्य चारे की बुवाई कर गोवंशों को वर्ष पर्यन्त हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये। डीएम ने कहा कि एनजीओ/एफपीओ के माध्यम से नियमित फंड की पूर्ति की जाए तथा प्राप्त धनराशि का उपयोग गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में किया जाए।
बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि गोसंरक्षण, भूसा, चोकर, दाना, सहभागिता, चिकित्सा, पशुचारा-पानी, साफ-सफाई, भ्रमण एवं निरीक्षण इत्यादि पंजिका को अद्यतन रखा जाय। मृत गोवंश के निस्तारण हेतु गड्डा/पोस्टमार्टम आदि की समुचित व्यवस्था, अभियान चलाकर क्षेत्र के निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट पिट का उपयोग कर गोबर के माध्यम से जैविक खाद तैयार की जाये जिससे आश्रय स्थल आय सृजन कर सकें। डीएम ने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु भूसा टेण्डर की कार्यवाही समय से पूर्ण की जाय। गोआश्रय स्थलों को थर्ड पार्टी के माध्यम से संचालित कराने तथा 50 से कम संरक्षित गोवंश वाले गो आश्रय स्थलों के गोवंशों को आस-पास की गोआश्रय में शिफ्ट करने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।
मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक के माध्यम से प्राप्त हुए निर्देशों को का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिल पंचायत, खंड विकास अधिकारी, उपमुख्य /पशुचिकित्साधिकारी तथा संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
