ब्रिटिश मौलाना के मदरसे की बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई स्थगित।
एसडीएम ने फोन पर बताया की जिलाधिकारी महोदय ने ध्वस्तीकरण करवाई को स्थगित करने का दिया मौखिक आदेश।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अधूरे मे छोड़ वापस लौटी प्रशासन टीम।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में खलीलाबाद तहसील अंतर्गत मोतीनगर मोहल्ले में विगत कई वर्षों से संचालित एक मदरसे पर चली बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है।

ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमशुल हुदा खान से जुड़े इस मदरसे पर अवैध निर्माण, सरकारी जमीन पर कब्जा और विदेशी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ इस मदरसे को जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।
संतकबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र में स्थित अल-हुदा मदरसा इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

बताया जाता है कि इस मदरसे का संचालन ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमशुल हुदा खान द्वारा किया जा रहा था।
*प्रशासन का आरोप है कि मदरसे का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के और सरकारी जमीन पर किया गया था।*
सवाल यह भी बनता है कि अगर जमीन सरकारी थी तो जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई। बिना मानचित्र के मदरसा बना तो उस समय नगर पालिका या उससे संबंधित अधिकारी क्या कर रहे थे। फिलहाल ये सब जांच का विषय है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब साल 2024 में एक स्थानीय व्यक्ति ने अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई।

जांच के बाद प्रशासन ने नोटिस जारी किया और मामला एसडीएम कोर्ट पहुंचा।
नवंबर 2025 में कोर्ट ने निर्माण को अवैध मानते हुए इसे ध्वस्त करने का आदेश दे दिया।
हालांकि मदरसा प्रबंधन ने जिला प्रशासन और कमिश्नर कोर्ट में अपील की, लेकिन सभी अपीलें खारिज हो गईं।
कोर्ट से अंतिम आदेश मिलने के बाद 25 और 26 अप्रैल को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की।

करीब 6 बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन मंजिला मदरसे को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी
इस दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी और महिला पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस मामले को और गंभीर तब माना गया जब मौलाना शमशुल हुदा खान पर विदेशी फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगे।
एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों ने भी इस मामले में जांच की और कई वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले।
“यह कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के आदेश के तहत की गई है।
संतकबीरनगर में यह कार्रवाई सिर्फ एक अवैध निर्माण तक सीमित नहीं है,
संतकबीरनगर में मदरसे पर चली यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है।
जहां एक तरफ प्रशासन इसे अवैध निर्माण पर सख्त कदम बता रहा है, वहीं इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।

वही आज दूसरे दिन कार्रवाई करते ही दोपहर के बाद जिला प्रशासन की टीम और पुलिस बल मौके से करवाई बंद कर दी वही इस पूरे मामले पर सदर एसडीएम हृदय राम त्रिपाठी ने बताया फोन पर एसडीम महोदय द्वारा कार्रवाई को स्थगित करने का निर्देश दिया गया है मौखिक तौर पर कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है।
