फेसबुक पर दोस्त बनकर लगा रहा था चूना ! मेंहदावल पुलिस ने हैकर के चंगुल से झपटे पीड़ित के ₹10,000, ‘क्रैक साइबर क्राइम’ टीम का बड़ा एक्शन!
संत कबीर नगर:-
सावधान! अगर आपका कोई करीबी सोशल मीडिया पर आपसे अचानक पैसे मांग रहा है, तो रुकिए… आप भी किसी बड़े जाल का शिकार हो सकते हैं! ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है मेहदावल में, जहाँ एक शातिर हैकर ने दोस्त का फेसबुक अकाउंट हैक कर ₹10,000 की ठगी को अंजाम दे डाला। लेकिन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के कड़े रुख और ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ के तहत मेहदावल साइबर सेल ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि हैकर को घुटने टेकने पड़े और पीड़ित की पाई-पाई वापस मिल गई।
दोस्त का मोबाइल हैक, फेसबुक से मांगी मदद और… उड़ गए ₹10,000-
घटना बीते 29 मार्च 2026 की है। औरही निवासी संतोष (पुत्र सृजन प्रसाद) के पास उसके एक दोस्त के फेसबुक अकाउंट से मैसेज आया। दोस्त को मुसीबत में समझकर संतोष ने बिना सोचे-समझे ₹10,000 ट्रांसफर कर दिए। लेकिन कुछ ही देर बाद जब हकीकत सामने आई, तो संतोष के पैरों तले जमीन खिसक गई—दोस्त का मोबाइल तो हैक हो चुका था और वह ठगी का शिकार बन चुके थे!
एक्शन में साइबर सेल: ऐसे वापस आए डूबे हुए पैसे-
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने बिना वक्त गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत (संख्या: 33103260069369) दर्ज कराई। मामला सामने आते ही मेहदावल पुलिस और साइबर सेल की टीम एक्टिव मोड में आ गई।
आरक्षी संदीप कुमार गौतम ने बिना एक पल गंवाए तकनीकी विश्लेषण शुरू किया और तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क साधकर हैकर के खाते में भेजी गई रकम को ‘होल्ड’ (फ्रीज) करवा दिया। विधिक प्रक्रिया पूरी होते ही पूरी की पूरी रकम यानी ₹10,000 संतोष के खाते में सुरक्षित वापस आ गई। अपनी डूबी रकम वापस पाकर पीड़ित की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने पुलिस का दिल से आभार जताया।
हैकर्स पर काल बनकर टूटी ये पुलिस टीम:-
इस कामयाब ऑपरेशन को अंजाम देने वाले जांबाजों में ये नाम शामिल रहे:-
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उप-निरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार, रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार।
पुलिस की बेहद जरूरी अपील: भूलकर भी न करें ये गलती!
संत कबीर नगर पुलिस ने आम जनता को चेताया है:-
किसी भी अनजान कॉल, लॉटरी या ब्लैकमेलिंग के झांसे में बिल्कुल न आएं।
सोशल मीडिया पर कोई कितना भी करीबी बनकर पैसे मांगे, पहले फोन पर बात करके तसल्ली जरूर करें।
यदि आपके साथ कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो घबराएं नहीं! तुरंत Cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें या बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा बचाव है!
