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जनपद में निपुण संकल्प कार्यशाला 2026 का हुआ भव्य आयोजन।

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  • गुणवत्तापूर्ण एवं दक्षतामूलक शिक्षा के लिए हितधारकों ने लिया निपुणता का संकल्प।

ब्यूरो चीफ दिलशाद अहमद

आज का भारत लाइव

बहराइच, 29 जुलाई 2026।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप पबालक-बालिका को बाल वाटिका से कक्षा 5 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाने तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, आनंददायी एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में हरियाली रिज़ॉर्ट में निपुण संकल्प कार्यशाला 2026 का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरान्त छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परम्परा की झलक भी देखने को मिली।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने कहा कि निपुण भारत मिशन केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से जनपद के प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित किया जाएगा तथा प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि निपुणता केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी बीईओें, एसआरजी, एआरपी एवं शिक्षकों से विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक सहयोग, अनुश्रवण एवं नवाचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का संकल्प दोहराया। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानन्द ने कहा कि बुनियादी शिक्षा की सुदृढ़ नींव ही भविष्य की सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाती है। उन्होंने विभागीय समन्वय एवं गुणवत्ता सुधार के लिए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।

सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा राम सागर पति त्रिपाठी ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रभावी अनुश्रवण, नवाचारों का विस्तार तथा परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। मौजूद डायट प्राचार्यों द्वारा शिक्षक क्षमता विकास, सतत व्यावसायिक प्रशिक्षण, दक्षतामूलक शिक्षण एवं प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली को निपुण भारत मिशन की सफलता का प्रमुख आधार बताते एवं आश्वस्त किया कि डायट निरंतर शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।

राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल द्वारा आयोजित तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञों निपुण भारत मिशन की नवीन रणनीतियों, दक्षतामूलक शिक्षण, एफएलएन संकेतकों, शैक्षणिक मूल्यांकन, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, विद्यालय अनुश्रवण एवं डेटा आधारित योजना निर्माण पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न शंकाओं का समाधान प्राप्त किया तथा उत्कृष्ट नवाचारों को साझा किया।

विशेषज्ञों ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक निपुण बनाने हेतु साझा संकल्प एवं कार्ययोजना तैयार करना, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्रभावी क्रियान्विति, विद्यालयों में दक्षतामूलक, बाल-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करना, सभी सम्बन्धित की शैक्षणिक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाना, नवाचारों, श्रेष्ठ प्रथाओं एवं सफल अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। इसके अलावा नियमित मूल्यांकन, सतत अनुश्रवण एवं शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से सीखने के परिणामों में गुणात्मक सुधार लाना तथा विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक एवं समुदाय के मध्य प्रभावी सहभागिता विकसित करना है।

बीईओ, एसआरजी एवं एआरपी ने अपने-अपने विकासखंडों के सफल नवाचार, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रयास एवं चुनौतियों के समाधान साझा किए। उन्होंने विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक सहयोग, कक्षा अवलोकन एवं दक्षता आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि जनपद के प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाते हुए निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूर्ण समर्पण एवं उत्तरदायित्व के साथ प्राप्त किया जाएगा।

इस अवसर पर जनपद बहराइच, गोंडा एवं श्रावस्ती के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, संबंधित डायट प्राचार्यों, जिला विद्यालय निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारियों, स्टेट रिसोर्स ग्रुप, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन तथा राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा विश्वास व्यक्त किया गया कि इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव एवं सुझाव जनपदों में निपुण भारत मिशन को नई गति प्रदान करेंगे।

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