SDM मेंहदावल ने ग्राम पंचायत कोड़रा में विकास कार्यों का किया औचक निरीक्षण ।
– शिकायतकर्ता ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में फर्जी /कूट रचना / बिना कार्य किए ही सरकारी धन का गैंग बनाकर लूट करने का लगाया आरोप।
– तत्काल जांच – सत्यापन कराकर रिकवरी एवं दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का SDM को जिलाधिकारी ने दिया आदेश।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
जनपद संतकबीर नगर जनपद अंतर्गत खलीलाबाद के विकास खंड ग्राम पंचायत कोड़रा में राजकुमार मौर्य द्वारा स्टाम्प पेपर पर नोटरी बयान हल्फी के साथ शिकायती प्रार्थना पत्र पर 14 बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन के आधार पर दिनांक 31 फरवरी 2026 को विकास कार्यों के नाम पर वित्त एवं मनरेगा गाइडलाइन के विरुद्ध फर्जी एवं कूट रचना करके बिना कार्य कराए ही ग्राम प्रधान अरुण कुमार मौर्य एवं ग्राम सचिव / ग्राम पंचायत अधिकारी तकनीकी सहायक / अवर अभियंता (कार्यों का मापन करने वाले) एवं रोजगार सेवक ने शासकीय धन का लूट, गैंग बनाकर अकुत संपत्ति अर्जित कर लिया है, जो वित्त एवं मनरेगा के गाइडलाइन का खुला उल्लंघन किया गया है साक्ष्य संलग्न के आधार पर प्रशासन को अवगत कराना गया था। उपरोक्त प्रकरण की विशिष्ट जानकारी जिम्मेदार सम्बंधित अधिकारियो के साथ साथ जिलाधिकारी को भी प्रेषित किया गया था।
यह कृत्य मनरेगा गाइडलाइन एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के गाइडलाइन / परिपत्र एवं पंचायती राज अधिनियम 1947 एवं धारा 28 ग का खुला उल्लंघन है उपरोक्त प्रकरण का स्थलीय-अभिलेखीय जांच – सत्यापन तकनीकी विशेषज्ञ (अधिशासी अभियंता सिविल स्तर की तीन या चार सदस्यीय टीम गठित करके 20 दिन का निर्धारित समय सीमा तय करके कराया जाय !
यदि निर्धारित समयावधि में जांच – सत्यापन नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जायेगा कि प्रकरण की विशिष्ट जानकारी होने के वावजूद जांच नहीं करवाना चाहते है, तत्पश्चात भ्रष्ट ग्राम प्रधान एवं संलिप्त लोक सेवकगण के वित्तीय गबन/भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, पद के दुरूपयोग एवं कु प्रशासन के बारे में शिकायत/परिवाद की जांच करने पहुंचे मेहदावल SDM रविकांत चौबे तथा जेई शिवम अग्रहरि व मौके पर उपस्थित महुली थाना उ 0 नि 0 अशोक कुमार, कांस्टेबल अरविंद कुमार, कांस्टेबल अरविंद गुप्ता के मौजूदगी में शिकायतकर्ता राजकुमार मौर्य के द्वारा दिए गए बिंदुओं पर जांच किया गया।
कोड़रा ग्राम प्रधान अरुण कुमार मौर्य को तीन दिवसीय के अंदर सारे प्रधान के द्वारा कराए गए विकाश कार्यों के सारे साक्ष्य लेकर प्रस्तुत होने का निर्देश दिया गया है
