संतकबीर नगर में भारी बवाल- नगर पालिका बोर्ड बैठक में भड़के विधायक अंकुर राज तिवारी, बोले- ‘अनियमितता मिली तो सीधे होगी FIR’
– अधिकारियों की मनमानी पर बिफरे सदर विधायक, भरी बैठक में लगाई कड़ी फटकार!
– सभासदों के तीखे तेवरों के बाद एक्शन मोड में आए विधायक, दिए जांच के सख्त आदेश।
– बैठक में सांसद पप्पू निषाद और चेयरमैन जगत जायसवाल की मौजूदगी में जमकर गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा।
संतकबीर नगर: –
खलीलाबाद नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में उस वक्त हड़कंप मच गया और माहौल पूरी तरह से हंगामेदार हो गया, जब विकास कार्यों में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर सदर विधायक अंकुर राज तिवारी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज विधायक ने भरे सदन में न सिर्फ उन्हें जमकर लताड़ा, बल्कि साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया कि जनता के पैसे की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभासदों का फूटा गुस्सा, विधायक ने संभाला मोर्चा।
बैठक की शुरुआत होते ही शहर के विकास कार्यों की कछुआ चाल और योजनाओं में पारदर्शिता की कमी को लेकर कई सभासदों का गुस्सा फूट पड़ा। सभासदों ने एक सुर में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि उनके वार्डों की अनदेखी की जा रही है।
सभासदों के इस आक्रोश को गंभीरता से लेते हुए सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने मोर्चा संभाला और लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
विधायक ने दो टूक कहा-
“जनप्रतिनिधियों और सभासदों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब से नगर क्षेत्र में सभासदों की सहमति के बिना एक भी विकास कार्य मंजूर नहीं होगा।”
“दोषी अधिकारियों को जाना होगा जेल!”
भ्रष्टाचार और ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक अंकुर राज तिवारी ने नगर पालिका की पूरी कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा:
“जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगा। यदि जांच में कहीं भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया जाएगा।”
बैठक में मौजूद रहे दिग्गज नेता-
इस हाई-वोल्टेज और हंगामेदार बैठक के दौरान मंच पर सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के साथ नवनिर्वाचित सांसद पप्पू निषाद, नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) जगत जायसवाल और अधिशासी अधिकारी (EO) अवधेश भारती समेत नगर पालिका के तमाम कर्मचारी और बड़ी संख्या में सभासद मौजूद रहे। हंगामे के बीच आगामी विकास योजनाओं का खाका भी खींचा गया, लेकिन पूरी बैठक पर विधायक के सख्त तेवर ही हावी रहे।
अब क्या होगा आगे?
विधायक के इस बेहद आक्रामक और सख्त रवैये के बाद अब नगर पालिका प्रशासन और ठेकेदारों के खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। सभी की नजरें अब शुरू होने वाली जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि इस जांच में क्या-क्या बड़े खुलासे होते हैं और प्रशासन दोषियों पर क्या बड़ी गाज गिराता है!
