सम्भावित बाढ़ की कार्ययोजना शीघ्र उपलब्ध कराएं सम्बन्धित विभाग – डीएम।
रिपोर्ट- दिलशाद अहमद
बहराइच 30 अप्रैल।
जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सम्बन्धित विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘‘बाढ़ स्टेयरिंग ग्रुप’’ की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बाढ़ से सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना जल्द से जल्द उपलब्ध करा दें जिससे बाढ़ के सम्बन्ध में प्रभावी कार्ययोजना को अन्तिम रूप प्रदान किया जा सके।
जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए डीएम ने सभी सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि समय रहते बाढ़ चौकियों के लिए चिन्हित स्थानों का भ्रमण कर आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित कराएं। क्षेत्र के चिन्हित गोताखोरों एवं नाविकों के मोबाइल नम्बर तथा क्षेत्र में नावों की उपलब्धता इत्यादि की सूची तैयार कर ली जाय। सम्भावित सूखे एवं ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर ड्रेनेज, नलकूप व जिला पंचायत राज विभाग को निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से सभी जल स्रोतों को एक सप्ताह में भरवाना सुनिश्चित करें ताकि आमजन तथा मवेशियों को संभावित सूखे के दौरान पानी की दिक्कत न हो।
डीएम श्री त्रिपाठी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्पों को क्रियाशील रखा जाय। सिंचाई विभाग को निर्देश दिया है कि रोस्टर के अनुसार नहरों का संचालन सुनिश्चित कराते हुए यह भी सुनिश्चित करें कि पानी नहरों की टेल तक अवश्य पहुॅचे। नलकूप विभाग को निर्देश दिया गया है कि शुष्क मौसम एवं संभावित सूखे को दृष्टिगत रखते हुए सभी राजकीय नलकूपों को चालू हालत में रखें। यांत्रिक एवं विद्युत दोष से बन्द नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित कराया जाय तथा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि छोटी-मोटी फाल्ट से नलकूप बन्द न होने पाएं। समस्त कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया कि गर्मी के मौसम में लू-प्रकोप के दृष्टिगत सभी कार्यस्थलों पर श्रमिकों इत्यादि के लिए स्वच्छ पेयजल का उपयुक्त प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाय।
विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया है कि खराब ट्रांसफामर्स को तत्काल ठीक करा दें तथा जिन स्थानों पर ओवर लोडिंग के कारण कोई समस्या हो वहॉ पर उचित बन्दोबस्त कर दिये जाएं। विशेषकर बाढ़ क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार कर लें। बाढ़ खण्ड के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लो.नि.वि. के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर बाढ़ क्षेत्र के सड़कों इत्यादि के अनुरक्षण समय से कराना सुनिश्चित करें ताकि बचाव व राहत कार्यों केे संचालन में कोई कठिनाई न हो।
डीएम ने सीवीओ को निर्देश दिया कि बाढ़ एवं सूखे के मद्देनजर पशुओं के चारे व उपचार आदि की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करा लें। कृषि, आपूर्ति एवं पुलिस विभाग को भी खाद, बीज, उर्वरक, खाद्यान्न तथा सुरक्षा व्यवस्था हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ एवं सूखे की स्थिति में सभी आवश्यक दवाओं के प्रबन्ध तथा पीएचसी व सीएचसी पर आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाय। आमजनमानस द्वारा अपनायी जाने वाली सावधानियों इत्यादि के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि लोगों को इस बात की जानकारी रहे कि किसी आपदा की स्थिति में उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है।
बैठक का संचालन मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह ने किया। इस अवसर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. संजय कुमार, बीएसए आशीष कुमार, बाढ़, सिंचाई व नलकूप खण्ड के अधि.अभि., सम्बन्धित तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदार, पशुपालन, स्वास्थ्य, पंचायती राज विभाग के अधिकारी, नगर निकायों के अधि.अधि. तथा जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
