पीड़ित के शिकायत पर इंडो अमेरिकन हॉस्पिटल पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम व प्रशासन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संत कबीर नगर –
आज दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत टेमा रहमत के पास स्थित पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष /पूर्व विधायक खलीलाबाद डॉ0 अयूब के इंडो अमेरिकन हॉस्पिटल में मरीज के साथ ऑपरेशन के दौरान की गई लापरवाही और आयुष्मान बिल वाउचर में की गई अनियमित को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम तथा प्रशासन के लोग।
आपको बताते चले की प्रार्थी इम्तियाज अहमद पुत्र हमीदुल्लाह ग्राम छपिया छितौना तहसील खलीलाबाद थाना दुधारा जनपद संत कबीर नगर के द्वारा दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र दिया गया जिसमें बताया गया कि दिनांक 11 जुलाई 2026 को प्रार्थी की तबीयत खराब हुई तो उसके परिवार वालों ने उसे एनएच 28 टेमा रहमत चौराहे से पश्चिम इंडो अमेरिकन हॉस्पिटल ले जाया गया।
अस्पताल में मौजूद स्टाफ द्वारा जांच करने पर कहा गया कि इनका जीवन खतरे में है इनको अपेन्डिस है इसका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ेगा परिवार जनों ने बताया कि मेरे पास आयुष्मान कार्ड है जिसे इलाज कर दीजिए आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन करने के बाद ₹20000 निकाल लिया गया और ऑपरेशन किया गया ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत खराब होने लगा बार-बार इंफेक्शन हो रहा था उसके बाद भी ₹80000 नगद लिया गया इलाज के नाम पर दो बार खून भी चढ़ाया गया और 25 दिनों तक खून गिरता रहा।
डॉक्टर बोले कि ऐसे में भी 25 दिनों तक खून गिरता रहेगा बाद में ठीक हो जाएगा मरीज की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने जे0जे0 हॉस्पिटल बस्ती लेकर गए वहां पर मरीज की जांच होने के उपरांत परिजनों को पता चला कि मरीज के शरीर में इन्फेक्शन बहुत ज्यादा हो गया है और उसके पेट में 590 ml मवाद भर चुका है वहां पर तत्काल मरीज का ऑपरेशन करके मरीज को बचाया तो जा सका।
लेकिन अभी भी उसकी हालत नाजुक ही है और इससे परिवार को काफी नुकसान उठाना पड़ा। यहां तक की पीड़ित को अपना खेत भी गिरवी रखना पड़ा।
शिकायतकर्ता की शिकायत पर आज दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम तथा सदर एसडीएम हृदय राम तिवारी तथा सीओ सिटी प्रियम राजशेखर पाण्डेय मौके पर मौजूद रहे साक्ष्य संकलन करने के उपरांत जांच टीम मौके से वापस लौटी।
अब तक इंडो अमेरिकन हॉस्पिटल में ऐसी कितने मरीजों के साथ लापरवाही हुई, दोषी कौन, है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।
