आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808...

मगहर में आमी नदी के बंधे पर बने गहरे रेनकट राहगीरों के लिए बना खतरा, सिंचाई विभाग की अनदेखी से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा।

0

मगहर- संत कबीर नगर

संत कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली के निकट आमी नदी के किनारे पर स्थित बरसात बंधे पर जगह-जगह बने रेनकट बन गया है। इस रास्ते से गुजरने राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। कई स्थानों पर बंधे के किनारे मिट्टी कट जाने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों के कारण बंधे की मजबूती पर भी सवाल उठने लगे हैं। समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

सिंचाई विभाग ने कबीर निर्वाण स्थली और कस्बे की सुरक्षा के लिए आमी नदी के किनारे पर बंधे का निर्माण कराया है।ताकि बाढ़ आने पर सुरक्षित रह सके। पिछले कई दिनों से बरसात होने के कारण बारिश के पानी के तेज बहाव से बंधे के किनारे की मिट्टी कट गई है। कई जगहों पर रेनकट इतने गहरे गड्ढे बन गए हैं।इन गड्ढों के आस पास घास खरपतवार जम जाने से उसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।गड्ढे में दोपहिया वाहन चालक या पैदल राहगीर इनकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं। खासकर बारिश के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। बंधे से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूली वाहन,बच्चे,बुजुर्ग, किसान और दोपहिया वाहन चालक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क के किनारे बने रेनकट के कारण वाहन चालकों को कई बार अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।बंधे पर बनी सड़क पर लेपन का कार्य भी हाल में किया गया। इसके बावजूद रेनकट पर विभागीय लोगों ने ध्यान नहीं दिया।समय रहते बंधे के रेनकट को बोलडर आदि से नहीं भरा गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending Story