क्रूरता की हदें पार ! गोलगप्पा खिलाने के बहाने मासूम को ले गया कसाई किराएदार।
@ फिरौती के लिए 6 साल के अंशुमान का बेरहमी से कत्ल, CCTV ने खोला खौफनाक राज!
@ विश्वास का खून: जिस किराएदार को सिर पर बिठाया, वही निकला आस्तीन का सांप; मासूम के हाथ-पैर बांधकर बंद कमरे में उतारा मौत के घाट!
गोरखपुर/सहजनवां –
गोरखपुर के सहजनवा इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक कलयुगी किराएदार ने लालच और हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही मकान मालिक के 6 साल के मासूम बेटे अंशुमान सिंह का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। जिस बच्चे को आरोपी अपनी गोद में खिलाता था, उसी को मौत की नींद सुलाकर वह रातभर परिजनों के साथ आंसू बहाने और बच्चे को ढूंढने का ढोंग करता रहा। लेकिन, तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की नजर से वह शातिर कातिल बच नहीं सका।
@ गोलगप्पे का लालच देकर बुना मौत का जाल-
पिपरा नई कॉलोनी के रहने वाले विनय सिंह उर्फ कन्हैया का 6 वर्षीय लाडला अंशुमान गुरुवार शाम को घर से फुल्की (गोलगप्पा) खाने की बात कहकर निकला था। वह कुछ देर में वापस आया और फिर दोबारा बाहर चला गया। परिजनों को क्या पता था कि मासूम का सामना बाहर किसी इंसान से नहीं बल्कि भेष बदले एक भेड़िए से होने वाला है। जब देर रात तक अंशुमान घर नहीं लौटा, तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने हर जगह खाक छानी, लेकिन मासूम का कहीं पता नहीं चला। आखिरकार थक-हारकर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू हुई।
@ CCTV फुटेज ने हटाया कातिल के चेहरे से नकाब-
पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया, तो एक मैरिज हॉल के बाहर लगे कैमरे की फुटेज देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। फुटेज में साफ दिख रहा था कि मासूम अंशुमान किसी अजनबी के साथ नहीं, बल्कि उनके ही घर में रहने वाले किराएदार कल्पेश राय की उंगली थामे जा रहा था।
@ रातभर करता रहा तलाश का नाटक:-
पुलिस ने बिना वक्त गंवाए कल्पेश को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह शातिर अपराधी पुलिस को गुमराह करता रहा। हद तो तब हो गई जब वह रातभर परिजनों के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन जब पुलिस ने अपने अंदाज में सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना खौफनाक जुर्म कबूल कर लिया।
@ हाथ-पैर बंधे मिले, बंद कमरे में पड़ी थी लाश –
कातिल कल्पेश की निशानदेही पर जब पुलिस लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के पास एक बंद पड़े मकान के पीछे बने कमरे में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई। कमरे में मासूम अंशुमान का शव पड़ा हुआ था। हैवान ने बच्चे के हाथ और पैर रस्सी से बांध रखे थे। मासूम के चेहरे और गले पर चोट के गहरे निशान थे, जो चीख-चीख कर बयां कर रहे थे कि दम तोड़ने से पहले उस 6 साल के बच्चे ने कितनी तड़प झेली होगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
@ चंद रुपयों की फिरौती के लिए उजाड़ दी गोद-
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो सच सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। आरोपी कल्पेश राय मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के डबरा (बखिरा) गांव का रहने वाला है। वह गीडा औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और करीब डेढ़ महीने पहले ही अपनी पत्नी के साथ विनय सिंह के मकान में किराए पर रहने आया था। कल्पेश ने मकान मालिक से मोटी रकम फिरौती वसूलने के इरादे से इस पूरी साजिश को रचा था, लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने मासूम की जान ले ली।
@ इलाके में भारी आक्रोश, कठोरतम सजा की मांग-
इस दिल दहला देने वाली वारदात की खबर फैलते ही सहजनवा और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है। हर आंख नम है और स्थानीय लोग इस हैवान किराएदार को सरेआम फांसी देने की मांग कर रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तूभ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने साफ कहा है कि आरोपी के खिलाफ ऐसे पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य और सबूत जुटाए जा रहे हैं कि उसे अदालत से कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दिलाई जा सके।
