बहराइच- छोटे बच्चों के लिए शाला पूर्व शिक्षा तथा लक्षित महिलाओं के स्वास्थ्य का आधार हैं आंगनबाड़ी केन्द्र !
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छोटे बच्चों के लिए शाला पूर्व शिक्षा तथा लक्षित महिलाओं के स्वास्थ्य का आधार हैं आंगनबाड़ी केन्द्र !
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 13 दिसम्बर।
जनपद बहराइच में मनरेगा/पंचायतीराज/आईसीडीएस के कन्वर्जेन्स से ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वित बाल विकास योजना के अन्तर्गत ईसीसीई (शाला पूर्व शिक्षा) को आम जनमानस एवं प्री स्कूलिंग को सुगम बनाने हेतु आंगनबाडी केन्द्र भवन का निर्माण कराया गया है। जनपद बहराइच में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 41 एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 39 कुल 80 भवनों का निर्माण कार्य प्रारम्भ कराते हुए 70 आंगनबाडी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 52 आंगनबाडी केन्द्र भवनों के निर्माण हेतु स्थल का चिन्हांकन कराते हुये प्रस्ताव स्वीकृति हेतु प्रदेश के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय को प्रेषित किया गया है।
आंगनबाडी केन्द्र भवन के निर्माण से आम जनमानस एवं 03 से 06 वर्ष के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शाला पूर्व शिक्षा ग्राम पंचायत में ही सुगमता के साथ उपलब्ध हो सकेगा। पूर्व से निर्मित आंगनबाडी केन्द्रों को क्रमिक रूप से ‘सक्षम’ आंगनबाडी योजना के अन्तर्गत चयनित कर हुये अपग्रेडेशन कराते हुये इन केन्द्रों को स्मार्ट आंगनबाडी केन्द्र के रूप में एलईडी टीवी लगायी गयी है, स्वच्छ पेयजल हेतु आरओ प्लान्ट लगाये गये हैं, भूगर्भजल उन्नयन हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग, आमजनमानस, गर्भवती धात्री महिलाओं एवं बच्चों की पोषण एवं स्वास्थ्य हेतु पोषण वाटिका का निर्माण कराया गया है।

आंगनबाडी केन्द्र भवन के निर्माण हो जाने से जहां आम जनमानस एवं छोटे बच्चों को जहां एक ओर सुलभतः से शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त हो रही है, वही दूसरी ओर इन केन्द्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए कैम्प लगाने हेतु स्थल भी सुलभ हो गया है। इन केन्द्रों पर ग्रामीण जनता को विभिन्न योजनाओं के लाभ मौके पर ही दिलाने का कार्य कराया जा रहा है।
आंगनबाडी केन्द्र भवनों का निर्माण हो जाने से आमजनमानस एवं छोटे बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा गर्भवती महिलाओं व अन्य लक्षित लाभार्थियों को निःशुल्क पोषाहार, पोषण स्वास्थ्य की उपलब्धता के साथ अन्य विकास योजनाओं का लाभ मिलना सुलभ हो गया है। इसी प्रकार के प्रेरणादायी कार्य भविष्य में कराये जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी एवं आमजन में सरकार की विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार को आसान बनाया जा सकेगा।
