संतकबीर की नगरी मगहर में गुरु पूर्णिमा पर भव्य आयोजन: महंत विचार दास के सान्निध्य में भक्तों ने की चौका आरती ।
संत कबीर नगर- मगहर।
संत कबीर की महापरिनिर्वाण कबीर चौरा धाम मगहर में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव पर बुधवार की देर शाम लगभग नौ बजे श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने चौका आरती किया।उसके पश्चात भक्तों दीक्षा ने लेने के साथ ही गुरुपूजा भी किया। इसी के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव सम्पन्न हुआ।इस मौके पर संतो के निर्गुण भजन से पूरा माहौल कबीरमय हो गया।

आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि के मौके पर गुरुपूर्णिमा उत्सव के अंतिम दिन चौका आरती कार्यक्रम को महंत विचार दास ने भक्तजनों को दीक्षा दिया।भक्तजनो को संबोधित करते हुए महंत विचार दास ने कहा कि बिना गुरू दीक्षा के मानव शरीर अधूरा माना गया है।मनुष्य जब गुरू दीक्षा प्राप्त कर लेता है तो उसे गुरू से अलौकिक ज्ञान प्राप्त होता रहता है।जिसके बाद व्यक्ति के जीवन में बदलाव आने लगता है।इस लिए सद्गुरु कबीर ने कहा है कि निराकार ब्रह्म को ही गुरू मान उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए जीवन के झंझावात से छुटकारा पाया जासकता है।उन्होनें कहा कि मनुष्य को सही मार्ग पर ले जाने वाला एक मात्र गुरू को ही माना गया है।ऐसे में गुरु का स्थान स्वयं बड़ा होजाता है।गुरु हमेशा अपने भक्तों को सत्य,प्रेम,सौहार्द के रास्ते पर चलने की सीख देता है।इस मौके पर कबीर के अनुयाई भक्तों ने चौका आरती के दौरान कलश स्थापित कर नारियल,फल,पान का पत्ता,धूप,दीप से पूजन आदि करने के बाद महंत विचार दास से आशीर्वाद लिया।इस मौके पर केशव दास,अरविंद दास शास्त्री, विनोद दास,वैद्य रामसरन दास,अभिलाष दास,कमलेश साहेब,विनोद दास,पुजारी शान्ति दास,राम सेवक दस,सन्तोष दास,भोलू सिंह सहित भारी संख्या संत और भक्तगण मौजूद रहे।
