दिल्ली की गलियों से आधी रात का रेस्क्यू: 4 दिन पहले घर से गायब हुई संतकबीर नगर की 2 बेटियां बरामद!
# मेंहदावल पुलिस का ‘ऑपरेशन स्माइल’, जब थाने में रो पड़े माता-पिता, खाकी के आगे झुका पूरा इलाका
संतकबीर नगर –
एक छोटी सी पारिवारिक अनबन… और फिर जो हुआ, उसने पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। संतकबीरनगर के मेंहदावल इलाके की दो मासूम, नाबालिग लड़कियां अचानक अपने ही घर से लापता हो गईं। वो सिर्फ घर से नहीं निकली थीं, बल्कि अपनों की खुशियां और चैन भी अपने साथ समेट ले गई थीं। 4 दिनों तक परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था, घर का चूल्हा तक नहीं जला था। लेकिन तभी एंट्री होती है संतकबीर नगर पुलिस की!
सर्विलांस का जाल और दिल्ली में ‘महा-ऑपरेशन’-
मामला सीधे पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के पास पहुंचा। उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल श्री सर्वदवन सिंह को तुरंत एक्शन मोड में आने का निर्देश दिया। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांबाज टीम का गठन हुआ।
शुरुआती जांच में कुछ पता नहीं चल रहा था, लेकिन जब सर्विलांस सेल ने अपनी आंखें खोलीं, तो होश उड़ाने वाली लोकेशन सामने आई। लड़कियां यूपी की सीमाएं लांघकर देश की राजधानी दिल्ली के दिल दहला देने वाले अनजान रास्तों पर पहुंच चुकी थीं।
अजनबी शहर, मासूम लड़कियां और खाकी का सुरक्षा कवच-
दिल्ली जैसे महानगर में दो नाबालिग लड़कियों का अकेले होना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था। लेकिन मेंहदावल पुलिस की टीम (उ0नि0 राम नारायण, हे0का0 रोहित प्रसाद, का0 चंदन यादव, का0 अरुण यादव और महिला आरक्षी अंशिका तिवारी) ने पूरी संवेदनशीलता और रफ्तार दिखाते हुए दिल्ली में जाल बिछाया। पुलिस ने दोनों बच्चियों को पूरी तरह सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
क्यों भागी थीं बेटियां ?
जब पुलिस ने बेहद प्यार और आत्मीयता से उनसे बात की, तो सच सामने आया। बच्चियां किसी बड़ी साजिश का शिकार नहीं थीं, बल्कि घर की एक छोटी सी बात पर नाराज होकर गुस्से में ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंच गई थीं।
थाने में जब फूट-फूट कर रो पड़ा परिवार…
विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब पुलिस टीम बच्चियों को लेकर वापस मेंहदावल थाने पहुंची और माता-पिता को बुलाया गया, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख नम हो गई।
4 दिनों से अपनी बेटियों की लाश ढूंढने के डर से कांप रहे मां-बाप ने जैसे ही अपनी लाडलियों को सही-सलामत देखा, वो थाने के फर्श पर ही फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने अपनी बेटियों को सीने से लगा लिया। यह सिर्फ आंसू नहीं थे, बल्कि 4 दिनों के नरक जैसे डर से मिली राहत के आंसू थे। पूरे परिवार ने रोते हुए मेंहदावल पुलिस के हाथ जोड़कर आभार जताया।
मेंहदावल पुलिस की हर माता-पिता से ‘भावुक अपील’-
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले के बाद मेंहदावल पुलिस ने जनता के लिए एक बेहद जरूरी और आंखें खोलने वाली अपील जारी की है:
संवाद न टूटने दें:- बच्चे आपके घर की सबसे अनमोल धरोहर हैं। छोटी-मोटी नाराजगी को बातचीत से सुलझाएं, डांट-फटकार कर उन्हें कदम उठाने पर मजबूर न करें।
तुरंत दें सूचना- अगर कोई बच्चा लापता होता है, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को बताएं। आपका एक सही फैसला किसी की उजड़ती दुनिया को बचा सकता है।
