डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस का हुआ आयोजन।
अधिकारीगण किसानों की समस्याओं का वरीयता क्रम में करें निस्तारण – DM ।
संतकबीर नगर –
जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने सभी कृषकों एवं उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए पिछले किसान दिवस पर कृषकों द्वारा की गयी शिकायतों पर अवगत कराया गया कि फार्मर रजिस्ट्री को विशेष अभियान के रूप में चलाया जा रहा है एवं इसको शासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी समय सीमा 30 अप्रैल निर्धारित की गयी है, उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वह अपने और अपने सहयोगी लोगों का जिनका फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण नहीं हुआ है उनकी फार्मर रजिस्ट्री कराने में सहयोग प्रदान करें, क्योंकि आने वाले समय में कृषि से संबंधित हर कार्य के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता कर दी गई है। वर्तमान में फार्मर रजिस्ट्री में अब गांव की जमीन के जुड़ने का भी प्रावधान कर दिया गया है। उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि इसकी पूर्व की बैठक में नाथनगर के कृषक राजेंद्र राय द्वारा मांग की गयी थी कि जनपद के प्रत्येक विकास खंड में 7 से 8 गेहूं क्रय केंद्र खोले जाएं इसके प्रति उत्तर में जिला खाद्य विपरण अधिकारी कार्यालय से आए हुए प्रतिनिधि ने बताया कि जनपद में कुल 63 केंद्र संचालित है जिसमें खाद्य विभाग और पीसीएफ द्वारा संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में नाथनगर में पीसीएफ द्वारा 7 एवं खाद विभाग द्वारा 2 केंद्र संचालित किया जा रहे हैं। समस्याओं के क्रम में राम शंकर यादव भारतीय किसान यूनियन द्वारा अवगत कराया गया कि नाथनगर के राजेंद्र राय नाथनगर द्वारा धान केंद्र पर अपना धान भेजा गया था एवं जमीन के वेरीफाई होने के बाद भी 10 कुंटल धान का भुगतान नहीं हुआ है इसके जवाब में जिला खाद्य विपरण अधिकारी द्वारा कहा गया की जितनी फसल का अंगूठा लगता है उतने का भुगतान 48 घंटे के अंदर कर दिया जाता है।
जिलाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया कि 10 कुंटल धान का भुगतान अब तक क्यों नहीं हुआ।
मार्तेंद्र प्रताप सिंह भारतीय किसान यूनियन द्वारा कहा गया कि गेहूं खरीद के संदर्भ में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद भी पारदर्शी व्यवस्था नहीं हो पा रही है, खरीद नहीं होने के बाद भी केंद्र पर प्रतिदिन खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा कर दिया जा रहा है जो कि शासन कि निर्देशों की घोर अवहेलना है एवं इसमें बोरे की कमी बताकर किसानो को गुमराह किया जा रहा है ।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि गेहूं खरीद को अत्यंत पारदर्शी व्यवस्था के तहत चलाया जाये एवं इस सन्दर्भ में कोई भी शिकायत प्रप्त होने पर सम्बंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। राजमणि राय ग्राम साखी विकास खंड नाथनगर द्वारा कहा गया कि फार्मर रजिस्ट्री में आने वाली समस्याओं के संदर्भ में आधार कार्ड से टैली कराने के बाद भी सम्बंधित कर्मी द्वारा बयान हल्फि मांगी जा रही है, अनावश्यक रूप में कर्मियों द्वारा परेशान किया जा रहा है इस पर उप कृषि निर्देशक द्वारा अवगत कराया गया कि प्रतिदिन जिलाधिकारी के अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की जा रही है और इस कार्य को अभियान के रूप में चलाकर 30 अप्रैल तक समाप्त किया जाना है। जिलाधिकारी ने भी संबंधित को 30 अप्रैल तक फार्मर रजिस्ट्री समाप्त करने हेतु निर्देशित किया।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जितने भी लोग फार्मर रजिस्ट्री करा चुके हैं एवं उनके परिचय में अगर कोई फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पाया है तो उसको फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए जागरूक करें।
गेहूं क्रय केंद्र के संदर्भ में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि चूंकि गेहूं खरीद फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं हो सकती है अतः अगर कोई किसान गेहूं विक्रय करने जाता है यदि उसका फार्मर रजिस्ट्री नहीं है तो पहले तत्काल इसकी फार्मर रजिस्ट्री कराई जाए उसके बाद उसके गेहूं की खरीद की जाए।
बैठक में रामजन्म चौधरी विकास खंड नगर द्वारा अवगत कराया गया कि बिजली के 11000 वोल्ट के तार खेतों में काफी नीचे तक आ गया है लेकिन इसके संदर्भ में बिजली विभाग द्वारा कोई भी पुख्ता कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि इसकी शिकायत पत्र के माध्यम से करें जिस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी एवं बिजली विभाग को निर्देशित किया गया कि तत्काल इस पर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
सेमारियावां के कृषक से सुरेंद्र राय द्वारा अवगत कराया गया कि गन्ने का सर्वे कार्य हो रहा है जिसको मिल द्वारा कराया जाता है अतः यह कार्य अंत तक गन्ना विभाग के कर्मचारियों द्वारा ही कराया जाए इस समस्या के संदर्भ में कभी भी कृषक को समिति या परिषद में न भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को गन्ने के बदले में प्रेसमड दिया जाता था जो अब नहीं दिया जा रहा है, उन्होंने कहा कि अगली बैठक में मिल के लोगों को बुलवाया जाए और उनसे यह पूछा जाए कि प्रेसमड क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा आश्वस्त किया गया कि अगली बैठक में उनको बुलाया जाएगा साथ ही जिलाधिकारी द्वारा कठोर चेतावनी दी गई कि जितने भी लोग आज की बैठक में उपस्थित नहीं हैं वो अनिवार्य रूप से हर किसान दिवस कि बैठक में उपस्थित हों।
बैठक में राम दरस यादव द्वारा जंगली जानवरों द्वारा किए गए नुकसान के बारे में अवगत कराया कि नीलगाय एवं सूअर के लिए क्या समाधान है इस पर वन विभाग अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि इस संदर्भ में शासन द्वारा समिति बनाने हेतु निर्देश दिया गया है जिससे इन समस्याओं को समिति में रखा जाए जिस पर अपर जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया कि समिति बनाकर तत्काल उन्हें सूचित करें और जो भी समस्याएं हैं पहले कमेटी में रखी जाए उसके बाद उसके समाधान हेतु कमेटी के लोग प्रस्ताव करें।
अंत में आए हुए सभी जनपद के अधिकारियों एवं कृषको का आभार व्यक्त करते हुए बैठक के समाप्ति की घोषणा की गई।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक डॉ0 राकेश कुमार सिंह सहित जनपद के प्रगतिशील कृषक, कृषक यूनियन के पदाधिकारी एवं जनपद स्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
