पत्नी की निर्मम हत्या व बेटे पर जानलेवा हमला करने वाले को आजीवन कारावास।
बेटा,बेटी व बहू के बयान पर हुई सजा, ढाई वर्ष में आया फैसला ।
संतकबीर नगर-
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि थाना-धर्मसिंहवा के ग्राम-बढ़या निवासी इश्तियाक अहमद पुत्र सई मोहम्मद ने प्रार्थना पत्र दिया कि मेरी अम्मी का नाम महीरा खातून है। मेरे अब्बू सई मोहम्मद की मेरी अम्मी के साथ करीब चार-पाँच साल से अनबन चल रही थी।
दिनांक 06.07.2023 को पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। मेरी माँ और मेरी छोटी बहन सालेहा एक चारपाई पर सोई थीं, उनके पास ही मेरा छोटा भाई इसरार सोया था और मेरे पिता घर के बाहर सोए थे। रात में करीब 1:00 बजे मेरे अब्बू ने अनबन को लेकर घर के दरवाजे का चैनल बंद कर दिया ताकि हम लोग बाहर न निकल सकें। फिर वे घर में रखा फावड़ा लेकर आए और मेरी मम्मी व भाई इसरार के सिर पर हत्या की नियत से प्रहार करने लगे। उन्होंने तीन-तीन बार दोनों पर वार किया और फिर फावड़ा लेकर भाग गए। जब मेरी बहन सालेहा चिल्लाई, तो हम लोग जागे। दरवाजा बाहर से बंद था, जिसे सालेहा ने लोहे से मारकर तोड़ा। बाहर आने पर हमने देखा कि मम्मी और भाई खून से लथपथ पड़े थे। आस-पड़ोस के लोग इकट्ठे हो गए, जिनकी मदद से हम मम्मी और भाई को सरकारी अस्पताल, नौगढ़ (सिद्धार्थ नगर) ले गए। वहाँ डॉक्टर ने मेरी माँ महीरा खातून को मृत घोषित कर दिया। भाई इसरार को गंभीर चोटें थीं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मेरा भाई मुश्ताक, इसरार को लेकर गोरखपुर गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। वह जीवन-मौत से लड़ रहा है। मेरी बहन सालेहा ने पूरी घटना देखी है।जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 13 साक्षियों का साक्ष्य कराया गया ।सभी साक्षियों ने घटना के संबंध में बयान दर्ज कराए।
आरोपी सई मोहम्मद के विरुद्ध आरोप साबित पाए जाने पर सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने आरोपी सई मोहम्मद को आजीवन कारावास व तीस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किये।अर्थदंड न अदा करने पर छः अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिए।
