21 लाख की धोखाधड़ी और फर्जी बैनामा कराने वाला मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा न्यायालय।
संतकबीर नगर –
थाना धनघटा पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और ₹21 लाख हड़पने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में वांछित चल रहे 01 नामित अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में की गई है।
क्या है पूरा मामला ?
घटना 19 जुलाई 2026 की है, जब वादिनी चन्द्रावती देवी (पत्नी दीपनरायन, निवासी नगवा, पोस्ट जैतपुर, तहसील सहजनवा, जनपद गोरखपुर) ने थाना धनघटा में प्रार्थना पत्र दिया था। वादिनी की खेती योग्य भूमि गीडा में अधिग्रहित होने के बाद मिले मुआवजे से वह दूसरी जमीन खरीदना चाहती थीं। इसी दौरान वह यशवन्त और रामअशीष के संपर्क में आईं।
अभियुक्तों ने राजकुमार और रोहित यादव के माध्यम से ग्राम सेमरी खास (थाना धनघटा) स्थित कमलेश पाण्डेय की जमीन बिक्री के लिए दिखाई और उसकी खतौनी उपलब्ध कराई।
ऐसे रची गई साजिश –
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने आपस में मिलकर षड्यंत्र रचा और असली भू-स्वामी कमलेश पाण्डेय के [Aadhaar Redacted] एवं पैन कार्ड का फर्जी इस्तेमाल कर ‘सोमनाथ उर्फ सोमई’ के नाम से एक फर्जी बैंक खाता खुलवा लिया। वादिनी के पति दीपनरायन द्वारा इस फर्जी खाते में कुल ₹21,00,000/- (इक्कीस लाख रुपये) ट्रांसफर कर दिए गए।
इसके बाद, 14 अक्टूबर 2025 को असली भू-स्वामी कमलेश पाण्डेय के स्थान पर सोमनाथ उर्फ सोमई को खड़ा करके फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा अपने नाम पंजीकृत करा लिया गया। बाद में इस पूरी ठगी की रकम को अभियुक्तों ने आपस में बांटकर हड़प लिया।
पुलिस की कार्रवाई –
इस संबंध में थाना धनघटा में मु0अ0स0 515/2026 के तहत धारा 3(5), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के आधार पर पुलिस ने आज दिनांक 06 सितंबर 2026 को नामजद अभियुक्त रामअशीष पुत्र सिरहु यादव (निवासी: ग्राम तेनुआ, थाना गीडा, जनपद गोरखपुर) को गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उप-निरीक्षक राजेश कुमार दुबे एवं अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
