जिले में DM का औचक छापा! निर्माण में गड़बड़ी की आशंका पर ‘थर्ड पार्टी जांच’ के आदेश, कड़े तेवर से मचा हड़कंप!
संत कबीर नगर।
जिले में विकास कार्यों के नाम पर सुस्ती और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुखलिसपुर में बन रहे नए बस स्टेशन और नाथनगर के टीएचआर (THR) प्लांट का औचक स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी के तेवरों को देखकर वहां मौजूद अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के हाथ-पांव फूल गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जयकेश त्रिपाठी भी दल-बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।
शक के घेरे में निर्माण सामग्री! ईंट, मोरंग और सरिया की होगी ‘थर्ड पार्टी’ जांच।
निरीक्षण के दौरान जब जिलाधिकारी मुखलिसपुर बस स्टेशन पहुंचे, तो वहां मुख्य भवन की नींव (Plinth) का काम चल रहा था। काम की स्थिति देखते ही जिलाधिकारी ने निर्माण की क्वॉलिटी को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने मौके पर प्रयुक्त की जा रही ईंट, मोरंग और सरिया की गुणवत्ता पर पैनी नजर डालते हुए तत्काल इसकी ‘थर्ड पार्टी’ से लैब टेस्टिंग कराने का फरमान जारी कर दिया। डीएम के इस आदेश से ठेकेदारों और संबंधित विभाग में खलबली मच गई है।
अधूरा काम और कछुआ चाल पर भड़के डीएम, दी सख्त चेतावनी ।
मौके पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। बस स्टेशन का शौचालय और चारदीवारी का निर्माण अभी भी अधर में लटका और अधूरा पाया गया। तय समय सीमा के भीतर काम पूरा होने की उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही थी। कार्य की इस कछुआ चाल और धीमी प्रगति को देखकर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताई।
उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी –
“गुणवत्ता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। कार्य में तुरंत तेजी लाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करें!”
उन्होंने तकनीकी बारीकियों पर भी निर्देश दिया कि सड़क की ऊंचाई को देखते हुए बस स्टेशन भवन की नींव (Plinth) की ऊंचाई पर्याप्त रखी जाए, ताकि भविष्य में जलभराव या अन्य कोई समस्या न हो।
THR प्लांट नाथनगर में भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, खंगाला जाएगा पाई-पाई का हिसाब !
बस स्टेशन का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी का काफिला सीधे नाथनगर स्थित टीएचआर (THR) प्लांट जा पहुंचा। यहाँ भी डीएम का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) को आड़े हाथों लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए कि प्लांट के लिए अब तक जितनी भी सामग्री खरीदी गई है और जितनी प्रयुक्त हुई है, उसकी
पाई-पाई का विस्तृत विवरण (Detailed Report) तैयार कर तत्काल उनके सामने पेश किया जाए।
डीएम के इस ताबड़तोड़ एक्शन से पूरे जिले के प्रशासनिक अमले और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। साफ संदेश दे दिया गया है—काम में ढिलाई और गुणवत्ता में धांधली करने वालों की अब खैर नहीं!
