एक महीना गुजर जाने के बाद भी नहीं मिला मृतक दिव्यांश के पिता को न्याय।
एक महीने से पुलिस विभाग के ऑफिसो का चक्कर लगाता रहा 12 वर्षीय मृतक लड़के का पिता।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर –
जनपद अंतर्गत ग्राम डारी डीहा निवासी पीड़ित दिलीप कुमार पुत्र बनारसी लाल के लड़के 12 वर्षीय दिव्यांश को गांव के ही रहने वाले गुड़िया पति रविंद्र द्वारा अपने दो बच्चों को भेज कर दिव्यांश को अपने घर के पास बुलाकर लात घुसो डंडों से मार कर घायल कर दिया गया इसके उपरांत इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद में दिया गया मगर मुकदमा दर्ज होने के एक माह बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आपको बताते चले की पीड़ित दिलीप कुमार पुत्र बनारसी लाल ग्राम डारीडीह थाना कोतवाली खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर का स्थाई निवासी है प्रार्थी एक गरीब मजदूर व्यक्ति है प्रार्थी के अनुसार गांव के रविंद्र पुत्र मोलहु के घर से पुरानी रंजिश है।
उसी रंजिश के कारण दिनांक 13 अप्रैल 2026 को शाम 6:00 बजे पीड़ित के छोटे लड़के 13 वर्षीय दिव्यांश को गांव के ही गुड़िया पत्नी रविंदर अपने दोनों बेटों को भेज कर अपने घर के पास बुलवायी गुड़िया के घर के पास रविंद्र के लड़के दिव्यांश को लेकर आए ही थे की वहां पर पहले से मौजूद गुड़िया पत्नी रविंद्र, चंदन पुत्र कपिल, रितेश पुत्र रवि, मुकेश पुत्र जुगनू तथा रविंद्र के दोनों लड़के आयुष तथा आर्यन सभी लोगों ने मिलकर दिलीप कुमार के लड़के दिव्यांश को लात घुसो लाठी डंडों से मारने पीटने लगे प्रार्थी का बड़ा लड़का दीपेश अपने छोटे भाई को बचाने के लिए दौड़ कर पहुंचा वहा देखा कि उपरोक्त सभी विपक्षी प्रार्थी के लड़के दिव्यांश को लात मुक्का तथा डंडे से मार रहे हैं प्रार्थी का लड़का दीपेश हल्ला करते हुए मौके पर गया तथा गांव के ही कुछ लोग मौके पर पहुंचे उपरोक्त सभी विपक्षी प्रार्थी के लड़के को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
इस घटना को प्रार्थी के लड़के के अलावा गांव के तमाम लोगों ने देखा मेरा लड़का दिव्यांश मौके पर बेहोश हो गया तथा बड़ा लड़का दीपेश के द्वारा फोन पर मुझे जानकारी दी गई है। प्रार्थी को जानकारी होने पर मौके पर पहुंचकर अपने लड़के को जिला सरकारी अस्पताल खलीलाबाद ईलाज के लिए लेकर भागा।

जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने लड़के दिव्यांश को मृत्यु घोषित कर दिया।
प्रार्थी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक दिव्यांश के सर के पीछे चोट लगने से मृत्यु होना बताया जा रहा है।
प्रार्थी मुकामी थाना कोतवाली जाकर मु0 आ0 सं0 275/2026 धारा 191(2)105 बी एन एस के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया।
विपक्षियों द्वारा बार-बार सुलह करने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है तथा जान से मारने की धमकी भी दिया जा रहा है।
विपक्षियों द्वारा धमकी के साथ यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन हमारे साथ है
गुड़िया पत्नी रविंद्र द्वारा मेरे दूसरे बेटे को भी करने की धमकी दिया जा रहा है जिसकी शिकायत थाना प्रभारी कोतवाली खलीलाबाद में दिया जा चुका है लेकिन अभी तक एक माह गुजर जाने के बाद भी पीड़ित के बेटे के कातिलों कोई सजा नहीं हुई।
प्रार्थी के अनुसार विवेचना में नियुक्त अधिकारी द्वारा सही ढंग से विवेचना नहीं किया जा रहा है। अतः विवेचक को तत्काल हटा कर दूसरे विवेचक नियुक्त किया जाय।
पुलिस प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे विपत्तियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और पुलिस प्रशासन भी उन्हीं का ही साथ दे रही है पीड़ित का परिवार पीड़ित के परिवार का जीवन खतरे में है।
