आमी नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक पंचवटी शिव मंदिर में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़, जलाभिषेक कर की मनोकामनाएं पूरी होने की कामना।
संतकबीर नगर- मगहर।
पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव का माना जाता है।इसमें शिवभक्तों में श्रद्धा की भावना काफी बढ़ जाती है।जहां शिवालय स्थित है वहीं पर शिवभक्त ने दूसरे सोमवार को अराध्य देवाधिदेव भगवान शिव को श्रद्धा व आस्था के साथ जलाभिषेक किया। ऐसी मान्यता है कि पूरे श्रावण मास में अंबिकेश्वर महादेव के शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों को मनवांछित फल प्राप्त होता है।

संत कबीर की तपोभूमि कबीर चौरा धाम परिसर में स्थित आमी नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन पंचवटी शिव मंदिर श्रावण मास में भक्तों के आस्था का केंद्र बना हुआ है।नदी के किनारे स्थित पंचवटी शिव मंदिर का सैकड़ों वर्ष पुराना इतिहास बताया जाता है।मंदिर के ठीक सामने आमी नदी के प्रवाहित होने से बहुत ही सुंदर और मनोरम लगता है।इस मंदिर का जीर्णोद्धार अंग्रेज कमिश्नर आरसीएएस हार्बट ने तत्कालीन तहसीलदार खलीलाबाद पं सूर्य नारायण त्रिपाठी द्वारा वर्ष 1933 में कराया गया था।मान्यता है कि यहां पर आने वाले भक्तों की मनोकामना भगवान अम्बेश्वरनाथ अवश्य पूरी करते हैं। यहां दूर-दूर से पंहुचे शिव भक्त जलाभिषेक करके विधि-विधान से पूजन अर्चन करते हैं। पंचवटी मंदिर की दशा सुधारने हेतु श्रद्धालुओं ने पंचवटी शिव मंदिर परिवार के रूप में टूटे-फूटे कार्यों को सही करवाया।मंदिर के फर्श पर मार्बल और चबूतरे के चारों ओर से स्टील रेलिंग लगा कर तैयार हुआ और मंदिर काफी भव्य एवं आकर्षक हुआ। वर्तमान समय में पंचवटी शिव मंदिर परिवार के अतुल श्रीवास्तव,विजय गौड़,कृतेश पासवान,प्रियांशु गुप्ता के सहयोग से मंदिर के देखरेख में कार्य किया जाता है।मंदिर के पुजारी विधि विधान से पूजा पाठ करते हैं। मंदिर के मुख्य व्यवस्थापक गोस्वामी राजेन्द्र प्रसाद भारती ने बताया कि मान्यता है कि यह मंदिर में श्रावण मास में दूर-दूर से श्रद्धालू जल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजन अर्चन करते हैं और मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं।
