पहलवान ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड में 2 और अभियुक्त गिरफ्तार , अब तक कुल 7 आरोपी सलाखों के पीछे ।
खलीलाबाद, संतकबीरनगर:
जनपद के थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में हुए सनसनीखेज ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस टीम ने इस घटना में संलिप्त 2 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 7 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
मुख्य बिंदु:
- गिरफ्तार अभियुक्त: सुरेन्द्र यादव और योगेन्द्र यादव (पुत्रगण स्व. रामसूरत, निवासी- भगठान/गोसाईपुर, थाना कोतवाली खलीलाबाद)।
- बरामदगी: अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 2 अदद बांस के डंडे (आलाकत्ल) बरामद किए गए हैं।
- गिरफ्तारी का स्थान: गिठनी बाजार नहर पुलिया के पास से दिनांक 06.10.2026 को गिरफ्तार किया गया।
- अब तक कुल कार्रवाई: पूर्व में गिरफ्तार 5 अभियुक्तों सहित इस प्रकरण में अब तक कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 22 सितंबर 2026 की है। वादी रमाकांत यादव (ग्राम प्रधान और मृतक के भाई) ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर दी थी कि उनके भाई ब्रह्मानंद यादव जब घर से बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर गिठनी बाजार जा रहे थे, तभी रास्ते में पूर्व नियोजित साजिश के तहत आरोपियों ने उनकी आँखों में पिसी हुई लाल मिर्च झोंक दी। इसके बाद जमीन पर गिरे ब्रह्मानंद यादव पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस संबंध में थाना कोतवाली में बीएनएस की गंभीर धाराओं (मु0अ0सं0 890/2026) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
पूछताछ में हुआ खुलासा:
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि ग्राम प्रधान रमाकांत यादव, उनके भाई ब्रह्मानंद यादव और श्रीकांत यादव से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोप है कि प्रधान पक्ष द्वारा उन्हें लगातार परेशान और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इसी रंजिश और आगामी प्रधानी चुनाव की खुन्नस में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से ब्रह्मानंद यादव की हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया था।
सराहनीय पुलिस टीम:
इस खुलासे और गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दूबे, उप-निरीक्षक विनोद कुमार यादव, उप-निरीक्षक धर्मनाथ यादव और उनकी पूरी पुलिस टीम (कांस्टेबल अजीत कुशवाहा, प्रदीप कुमार पटेल, रजनीश यादव, मनीष कुमार वर्मा, महिला कांस्टेबल आरजू सिंह व महिमा यादव) की अहम भूमिका रही।
