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पीस पार्टी ने दलित-मुस्लिम समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।

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संत कबीर नगर ।

पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष पंचराम चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रपति को सम्बोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उल्लेख किया है कि धर्म-आधारित प्रतिबंध समाप्त करने दलित मुस्लिम समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया जाए।

पसि पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष पंचराम चौहान ने लिखा है कि स्वतंत्रता से पूर्व ब्रिटिश शासन के दौरान अनुसूचित जातियों के संबंध में धर्म के आधार पर वर्तमान जैसा प्रतिबंध नहीं था।स्वतंत्रता के बाद संविधान(अनुसूचित जाति)आदेश,1950 के माध्यम से प्रारंभ में अनुसूचित जाति का दर्जा केवल हिंदू धर्म के व्यक्तियों तक सीमित किया गया। उसमें वर्ष 1956 में सिख तथा वर्ष 1990 में बौद्ध धर्म के समान सामाजिक पृष्ठभूमि वाले समुदायों को भी अनुसूचित जाति की श्रेणी में सम्मिलित कर लिया गया। वर्ष 2006 में प्रस्तुत सच्चर कमेटी तथा वर्ष 2007 में प्रस्तुत न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्टों में मुस्लिम समुदाय के सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से वंचित वर्गों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा उनके उत्थान के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश की गई। न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र आयोग ने दलित मुसलमानों एवं दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की भी अनुशंसा की थी। इसके बावजूद आज भी धर्म के आधार पर अनुसूचित जाति के दर्जे से वंचित दलित मुस्लिम समुदाय को समान संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं हो सके हैं।उनका कहना है कि सामाजिक न्याय एवं समानता की भावना के अनुरूप इस विषय पर शीघ्र एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने पत्र के माध्यम से अपील करते हुए प्रेसीडेंसियल आदेश, 1950 के आर्टिकल 341 के पैरा 3 में आवश्यक संशोधन/उचित संवैधानिक कार्रवाई कर धर्म-आधारित प्रतिबंध समाप्त करने तथा पात्र दलित मुस्लिम समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा देने और उनके पिछड़ेपन को दूर करने की मांग की है।

इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव अफ़रोज़ बादल, ज्ञानदर चौहान,हाजी फ़िरोज़,ओबैदुन्नबी,मिन्हाज मलिक उर्फ सज्जू,फखरे आलम उर्फ सनी,मेहदी हसन, अलीजान,आसिफ़ खान,सफ़ीक़,फ़ेरही खान, अकरम अंसारी,फ़ारूक़,अताउल्लाह क़ासमी, मक़सूद,अब्दुल करीम,हाफ़िज़ नसीम,इमरान आदि मौजूद रहे।

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