गोंड (धुरिया) जाति के अधिकारों की लड़ाई: एस.टी. प्रमाण पत्र जारी करने की पुरजोर मांग ।
गोंड (धुरिया) जनजाति संघर्ष मोर्चा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर – आज दिनांक 9 अगस्त 2026 को गोंड (धुरिया) जनजाति संघर्ष मोर्चा (अखिल भारतीय गोंड महासभा एवं गोंड विकास संस्था) के बैनर तले पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी महोदय को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से जनपद में गोंड (धुरिया) व्यक्तियों को नियमानुसार अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाण पत्र जारी कराने और लेखपालों की मनमानी पर रोक लगाने की पुरजोर मांग की गई है।
मोर्चा ने अवगत कराया है कि पूर्व के विभिन्न शासनादेशों तथा शासनादेश संख्या-676 (दिनांक 24.02.2023) द्वारा संतकबीरनगर के गोंड (धुरिया) को जनजाति की श्रेणी में घोषित किया गया है। इसके अनुपालन में पूर्व में खलीलाबाद, मेहदावल तथा धनघटा तहसीलों में हजारों की संख्या में प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
लेखपालों की मनमानी और नकारात्मक रिपोर्ट: ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शासन के नए-पुराने आदेशों तथा जिला स्तरीय कमेटी के आदेशों के बावजूद लेखपाल अपनी मनमानी और हठधर्मिता के कारण आवेदनों पर नकारात्मक रिपोर्ट लगा रहे हैं। तहसीलों द्वारा इसी नकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर आवेदन पत्र निरस्त किए जा रहे हैं, जिससे पात्र लोग शासन की सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
चेक लिस्ट से बाहर जाकर पूछताछ: मोर्चा ने यह भी शिकायत की है कि लेखपाल चेक लिस्ट में दिए गए बिंदुओं से हटकर आवेदकों से अनावश्यक सवाल पूछते हैं और मामले को जानबूझकर उलझा रहे हैं, जो उच्चाधिकारियों के आदेशों का खुला उल्लंघन है।
प्रशासन से की गई मुख्य मांगें:
- गोंड (धुरिया) व्यक्तियों के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बिना किसी बाधा के तत्काल जारी किए जाएं।
- शासनादेशों का पालन न करने और मनमानी रिपोर्ट लगाने वाले संबंधित लेखपालों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के अध्यक्ष रामानंद गोंड, प्रभारी बड़ेलाल गोंड, महामंभी ईश्वरचन्द्र गोंड, संरक्षक/एडवोकेट रामलगन गोंड, एडवोकेट/महामंत्री श्रवण कुमार गोंड समेत कई अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
