दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का हुआ आयोजन
संत कबीर नगर ।
दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुग्ध आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश के क्रम में एवं मण्डलीय अधिकारी दुग्ध विकास बीएम त्यागी व उप दुग्धशाला विकास अधिकारी सुधाकर प्रसाद के कुशल मार्ग दर्शन में दुग्धशाला विकास विभाग संत कबीर नगर के तत्वाधान में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन विकास भवन परिसर के डीपीआरसी हाल में किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 एसके तिवारी, वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक/नोडल सतीश कुमार उपस्थित रहे। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कान्क्लेव 2026 का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया गया।

वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक/नोडल अधिकारी सतीश कुमार ने अपने संबोधन में मनुष्य के दैनिक जीवन में दुग्ध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हमारे प्रदेश में दुग्ध विकास के क्षेत्र में सरकार द्वारा रूपये 1000 करोड़ का निवेश किया गया है तथा प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाये रखने एवं इसके लिए प्रत्येक गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दुग्ध उत्पादकों को गाँव में ही उनके दूध के उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने के उद्देश्य से नन्द बाबा दुग्ध मिशन का संचालन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के ग्रामीण अंचल में प्रत्येक किसान जो दुधारू पशुओ का पालन करते हैं, उन्हें दुग्ध व्यवसाय से सीधे जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दुग्ध समितियों के सुदृढ़ीकरण, पुर्नगठन एवं विस्तार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश योजना, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया।

राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक विन्दर सिंह द्वारा दुग्धशाला विभाग के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही पशुपालकों एवं कृषक हित से संबंधित योजनाओं आदि के बारे में बताते हुए आधुनिक डेयरी प्रबंधन/नन्द बाबा दुग्ध मिशन डेयरी प्रसंस्करण, चारा प्रबंधन सहित विभागीय योजनाओं के बारे जानकारी प्रदान किया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 एसके तिवारी द्वारा पशु रोगों की पहचान, रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण तथा टीकाकरण के बारे में जानकारी उपलब्ध करायी गयी। उपायुक्त मनरेगा प्रभात द्विवेदी ने उपस्थित सभी अधिकारियों कर्मचारियों पशुपालकों एवं कृषकों को दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर धन्यवाद एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पशुपालक एवं किसान भाईयों के लिए दुग्ध विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं एवं दूसरे लोगों को भी जागरूक करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना अंतर्गत ई-लाटरी के माध्यम से चयनित 14 महिला एवं 14 पुरूष लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किया गया।
इस अवसर पर डीडीएम नाबार्ड मनीष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी, डाटा ऑपरेटर नन्द बाबा दुग्ध मिशन प्रदीप शर्मा सहित संबंधित आदि उपस्थित रहे।
