आइडियल पब्लिक स्कूल में संत कबीर साहित्यिक सामाजिक कला संस्थान द्वारा 50वीं कवि गोष्ठी का शानदार आयोजन
संत कबीर नगर – मगहर।
संत कबीर साहित्यिक सामाजिक कला संस्थान द्वारा आइडियल पब्लिक स्कूल मगहर 50वीं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसके मुख्य अतिथि संदीप मौर्य और राष्ट्रीय कवि राम कृष्ण लाल जगमग ने अध्यक्षता की।कवि गोष्ठी का सफल संचालन शाहरुख सागर ने किया।

कवि गोष्ठी का शुभारंभ जितेंद्र भारती ने “पहाड़ा पढ़ा पढ़ा के मैं पहाड़ बना दूं,आ जाऊं अपनी जिद पर तो कबाड़ बना दूं “रचना प्रस्तुत किया।उसके निसार मगहरी ने “अब समन्दर से निकल कर मछलीयां उड़ने लगीं, वज्द में आकर हमें भी चांद पे उड़ना पड़ा”को पढ़ कर माहौल को बनाया।इसी क्रम में महमूद गोरखपुरी ने “उनकी खुशबू है मेरी सांसों में,लोग समझे कि उम्र बीत गई”को पढ़ कर रोमांस की ओर ले जाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि राम कृष्ण लाल जगमग ने वर्तमान परिवेश को रेखांकित करते हुए”सुखा अब सरवर लगता है,मानव भी विषधर लगता है,पहले बाप से डर लगता था, अब बेटों से डर लगता है।”रचना को पढ़ा। कवि गोष्ठी में दीप सिंह प्रेमी, डा अफजल हुसैन अफजल,ताजीर बस्तवी,पंकज वर्मा,आफताब मगहरी,जमाल अहमद,शशांक मणि मिश्रा,वसीम अहमद वसीम, डा सईद अख्तर, सुम्बुल हाशमी,अकील अहमद, मोहम्मद समीरा, शाहेमान अली आदि लोग मौजूद रहे।गोष्ठी के आयोजक शाहरुख सागर ने सभी अतिथियों,कवियों और शायरों के प्रति आभार व्यक्त किया।

