गो आश्रय स्थल की व्यवस्था दयनीय, मर रहे गोवंश, बेपरवाह बने जिम्मेदार ।
– पौली ब्लाक क्षेत्र के मझौरा स्थित गो आश्रय केंद्र पर घट रही गो वंशो की संख्या ।
– डीएम के निरीक्षण में खुली पोल, केंद्र पर मरे पड़े थे तीन गो वंश ।
धनघटा, सन्तकबीर नगर ।
पौली ब्लाक के मझौरा स्थित गो आश्रय केंद्र की हालत बदतर हो चली है। भीषण गर्मी में पानी व चारे के अभाव में गोवंशों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। केंद्र पर पशुओं की संख्या घट कर आधी रह गयी है। मंगलवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे डीएम आलोक कुमार की आंखे उस समय खुली की खुली रह गयी जब उन्होंने देखा कि केंद्र पर तीन गोवंश मृत पड़े थे। मृत पशुओं को केंद्र के बाहर ले जाने वाला कोई नही था। गो आश्रय केंद्र पर पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की कोई व्यवस्था नही दिखी। सूखे चारे के अभाव में पशु भुखमरी का शिकार बन बीमार हो रहे है। डीएम ने जब बदतर व्यवस्था पर सवाल किया तो जिम्मेदारों से उचित जबाब नही मिला।
केंद्र पर कोई भी केयर टेकर मौजूद नहीं रहा। गोवंश भगवान भरोसे तपती धूप में खड़े थे। गोशाला बंद रही। और गोशाला के अंदर मृत पड़े तीन पशुओं को दफनाने की सुधि किसी ने नही लिया। कागजो में चल रही गो आश्रय केंद्र की व्यवस्था को डीएम ने अपनी आंखों से देखा। मझौरा केंद्र पर चार सौ से अधिक गो वंश रखे गए थे लेकिन एक वर्ष के भीतर यह संख्या आधे से भी कम रह गयी है। व्यवस्था यदि इसी तरह चलती रही तो वह दिन दूर नही जब केंद्र पर गो वंशो की संख्या दहाई से भी कम रह जाय।

बदतर व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए डीएम आलोक कुमार ने बीडीओ पौली, ग्राम पंचायत सचिव मझौरा, एडीओ (पंचायत) एवं संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी को विभागीय कार्यवाही एवं प्रतिकूल प्रविष्टि एवं नोडल अधिकारी, डीसी एनआरएलएम को प्रतिकूल प्रविष्टि एवं स्पष्टीकरण देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया है। ग्राम पंचायत प्रशासक के निलंबन की कार्यवाही के लिए मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए।
