गलत पैमाईश व अभद्र व्यवहार करने के संबंध में चकबंदी अधिकारी के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण।।
चकबंदी अधिकारी पर गलत पैमाईश व काश्तकारों के साथ गाली गलौज करने के संबंध में डीएम से किया गया शिकायत।
ग्राम प्रधान के इशारे पर कानूनगो कर रहा जमीन की पैमाईश।
भ्रष्ट कानूनगो को तत्काल हटा कर नये कानूनगो से करायी जाए जमीन की पैमाईश।
प्रधान अपना वोट बनाने के लिए करा रहा है जमीन की गलत पैमाईश।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
आज दिनांक 13 मई 2026 को गड़ मौजा पुरैना के दर्जनों से ऊपर काश्तकारों द्वारा चकबंदी के दौरान नियुक्त चकबंदी कानूनगो सही ढंग से जमीन की पैमाईश ना करने तथा ग्रामीणों से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करने को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुच कर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया।
आपको बताते चले कि ग्राम गड़ मौजा पुरैना तप्पा उजियार परगना मगहर पूरब तहसील खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर के निवासी जो कि काश्तकार भी हैं।
वर्तमान में हमारे ग्राम गड़ मौजा पुरैना तप्पा उजियार में चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत कब्जा परिवर्तन का कार्य चल रहा है इस कार्य के दौरान तैनात चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह का व्यवहार काश्तकारों के प्रति अत्यंत अपमान जनक , शर्मनाक और अमर्यादित है।
कब्जा परिवर्तन के कार्यवाही के दौरान जब काश्तकार अपनी बातों को रखते है तो चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार सिंह द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और गंदी गंदी गालियां दी जाती हैं।
एक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाय।
इस कृत्य से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है और चकबंदी की निष्पक्षता पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है।

कुछ काश्तकारों के गाटा की बिना पैमाईश किए काश्तकार को बिना निशान लगाए कब्जा दे दिया जाता है।
हमारे ग्राम प्रधान के इशारे पर पैमाईश की जाती है। और किसी को 20 एयर किसी को 10 एयर बढ़ा कर दे दिया जाता है किसी किसी को कम भी दिया जा रहा है।
इसका विरोध करने पर कानूनगो मनोज कुमार सिंह धमकी देते हैं कि ऐसा गड़बड़ करके नाप दूंगा कि 10 वर्ष तक दौड़ते दौड़ते ठीक नहीं करा पाओगे।
अभी तक जितनी पैमाईश हुई है सब में गड़बड़ी हैकिसी का कम है किसी का ज्यादा और फार्म 23 के आधार पर पैमाईश नहीं हो रही है। और कोई बात पूछने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उक्त चकबंदी अधिकारी के विरुद्ध दंड नात्मक कार्यवाही की जाए और उन्हें तुरंत प्रभाव से मौजा पुरैना से हटा कर किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी को नियुक्त करने की कृपा करें। ताकि चकबंदी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
