फसलों का बीमा कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करें किसान – सांसद बहराइच।
बीमित कृषकों के लिए आयोजित हुआ क्षतिपूर्ति चेक वितरण कार्यक्रम।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच 04 मई।
खरीफ 2025 एवं रबी 2025-26 मौसम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अर्न्तगत बीमित कृषकों को देय क्षतिपूर्ति के वितरण हेतु विकास भवन सभागार में आयोजित चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता एवं उप निदेशक कृषि विनय कुमार वर्मा के साथ संयुक्त रुप से 10 किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के डेमोचेक का वितरण किया गया।
चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान खरीफ 2025 अन्तर्गत रिसिया के कृषक अली अहमद को रू. रुपये 66,004/-, फखरपुर के भगोले को रू. 70,604/-, तेजवापुर की श्रीमती केतकी देवी रू. 43,387/-, शिवपुर के सत्य प्रकाश रू. 36,168/- एवं पयागपुर की श्रीमती शान्ती को रू. 36,031/- तथां रबी 2025-26 के लिए चित्तौरा के कृषक बाबादीन चित्तौरा को रू. 62,209/-, मासाडीहा महसी के बांके लाल को रू. 73,093, हुज़ूरपुर के बृजेश कुमार सिंह को रू. 48,390/-, हुज़ूरपुर की श्रीमती लोचन सिंह को रू. 65,887/-, महसी के राजेन्द्र प्रसाद को रू. 36,755/- के डेमो चेक का वितरण सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद डॉ. गोंड ने उपस्थित कृषक उत्पादक संगठनों के निदेशकों, कृषि सखी/सीआरपी का आहवान किया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों को जागरुक कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलायें। डॉ. गोंड ने उपस्थित किसानों से कहा कि हमें प्राकृतिक खेती की ओर आगे बढ़ना होगा। प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्यान्न मानव स्वास्थ्य के लिये अच्छा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में किसानों द्वारा अहम योगदान दिया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि देश के मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किसानों के लिये कुछ न कुछ योगदान जोड़ते रहते है। उन्होंने को सहफसली खेती अपनाने का सुझाव दिया जिससे किसानों को अतिरिक्त आय हो सके। उन्होंने कहा कि जहां पर वन्यजीवों का प्रकोप न हो ऐसे स्थानों पर फल उत्पादन भी बेहतर विकल्प है। डॉ. गोंड ने कहा कि जनपद के विकास खण्ड मिहिंपुरवा के किसान अधिक क्षेत्रफल में हल्दी, अदरक एवं परवल, कुन्दरु की खेती कर रहे है। जबकि विकास खण्ड फखरपुर, कैसरगंज में केले की खेती हो रही है, जिससे कृषक अच्छी आय प्राप्त कर रहे है।

एक जिला एक उत्पाद में केले को भी सम्मिलित किया गया है। केले के तने का रस इंक में उपयोग होता है। केले के रेसे से धागे बनाकर वस्त्र बनाये जा रहे है। उन्होंने कृषकों को सुझाव दिया कि कृषि उत्पाद विक्रय हेतु ई-नाम पोर्टल पर देश की मण्डियों का भाव देखें और जहां अभी अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा अपने उत्पाद की बिक्री करें। किसानों को जागरूक होना होगा तथा उन्नत तकनीक का प्रयोग कर अपनी आय बढ़ानी होगी। उन्होंने किसानों का आहवान किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत अपनी फसलों का बीमा कराकर फसल क्षति की दशा में क्षतिपूर्ति प्राप्त करें।
मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने सभी उपस्थित किसान भाइयों से कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त कर अपनी आय में बढोत्तरी करें। उप कृषि निदेशक श्री वर्मा ने बताया कि खरीफ 2025 में 9251 किसानों को रू. 317.16479 लाख की क्षतिपूर्ति की धनराशि बीमा कम्पनी के माध्यम से प्रेषित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 129 किसानों को रू. 1,17,545/- रुपये आज प्रेषित किये जा रहे है। इसी प्रकार रबी 2025-26 में जनपद के 503 किसानों ने व्यक्तिगत दावा फसल क्षति का प्रस्तुत किया गया था, जिसमें से 180 किसानों को रू. 28,23,240/- की धनराशि प्रेषित की जा रही है। शेष प्रक्रियाधीन है। जल्द ही इन्हें भी क्षतिपूर्ति फसल बीमा कम्पनी इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंश कम्पनी के माध्यम से दिलाया जायेगा।
इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. सौरभ वर्मा, उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिशिर कुमार वर्मा, फसल बीमा कम्पनी के जिला प्रबन्धक अमन मौर्या, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, सुधाकर शुक्ला, अरविन्द कुमार, कुलदीप वर्मा, प्रगतिशील कृषक जितेन्द्र कुमार, लालता प्रसाद गुप्ता, काशीराम वर्मा, बाबूराम, वेदनाथ तिवारी, ठाकुर प्रसाद मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहें।
