चकबन्दी प्रक्रिया में मनमानी से किसान आहत, कार्रवाई की मांग।
धनघटा तहसील क्षेत्र के सँठी में धारा 20 के तहत नोटिस लेने से किसानों ने किया इनकार ।
धनघटा – संतकबीर नगर ।
धनघटा तहसील के सँठी में चकबन्दी प्रक्रिया में अनियमितता का मामला थमने का नाम नही ले रहा है। चकबन्दी कर्मियों की मनमानी से किसान क्षुब्ध है। किसान पिछले दिनों प्रदर्शन कर सीओ को हटाने की मांग कर रहे है। गांव के किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक धारा 9 की कार्रवाई पूर्ण नही की गई है वही दूसरी तरफ चकबन्दी विभाग धारा 20 के तहत नोटिस जारी कर रहा है। किसानों ने नोटिस लेने से मना कर दिया है।
सँठी में चकबन्दी प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पिछले माह चकबन्दी प्रक्रिया में अनियमितता से आहत एक किसान ने आत्महत्या कर ली। लेकिन उसके बावजूद चकबन्दी प्रक्रिया की निष्पक्षता सवालों के घेरे में है। किसानों ने कहा कि क्षुब्ध चकबन्दी अधिकारी गांव में नही पहुंच रहे है जिससे दो वर्षों से किसानों की शिकायतों का निस्तारण नही हो पा रहा है। सँठी के किसान कृपा शंकर पांडेय ने कहा कि घर के सामने गाटा संख्या 231 अंतर्गत 546 एयर भूमि में से 216 एयर भूमि को मनमाने ढंग से हरिजन आबादी दर्ज कर दिया गया। इसके लिए आपत्ति दाखिल किया लेकिन दो वर्ष बाद भी मामले का निस्तारण नही हो सका। इसी प्रकार लालचंद ने बताया कि चकबन्दी कर्मी मानक के विरुद्ध भूमि की कटौती करने पर आमादा है। कहा कि छह बीघा जमीन में से 6 एयर जमीन की कटौती की गई जो नियम के विरुद्ध है। किसान उदयराज पांडेय ने बताया कि खतौनी में दर्ज आत्मा ने बैनामा रजिस्ट्री किया लेकिन खतौनी में आत्मा की जगह उदयराज पांडेय का नाम खारिज कर दिया गया। इस संबन्ध में दो वर्ष से डाली गई आपत्ति को ठंढे बस्ते में डालकर परेशान किया जा रहा है। सुबास, चंद्रिका आदि ने बताया कि घर के बगल में स्थित गाटा संख्या 534 की जमीन को बार्डर पर कर दिया गया। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने बताया कि चकबन्दी अधिकारी गांव में प्रधान के नेतृत्त्व में बनी समिति की बात नही सुनते है। ग्राम समिति द्वारा प्रस्ताव दिए बगैर कब्रिस्तान, सामान्य आबादी, कुंम्हार गढ्ढा, खेल मैदान, गौशाला आदि के लिए जमीन का रकबा निकाला जा रहा है। चकबन्दी प्रक्रिया में किसानों की समस्या का निस्तारण के लिए अधिकारी गांव में नही पहुंच रहे है। नाराज किसानों ने चकबन्दी विभाग पर धनउगाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चकबन्दी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की जा रही है। किसानों की पीड़ा पर सुनवाई नही हो रही है। गांव में धारा 20 की नोटिस लेकर पहुंचे चकबन्दी कर्मी को देख आग बबूला हो गए। नोटिस लेने से इनकार करते हुए किसानों ने कहा कि जब तक धारा 9 से प्रक्रिया को सही ढंग से निस्तारण नही किया जाएगा तब तक गांव का कोई किसान धारा 20 की नोटिस नही लेगा। किसानों ने चकबन्दी सीओ के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग किया।
इस अवसर पर राम प्रसाद पांडेय, कृपा शंकर पांडेय, मार्कण्डे पांडेय, अशोक उपाध्याय, ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश यादव, दिग्विजय पांडेय आदि किसान मौजूद थे।
इस संबन्ध में चकबन्दी सीओ ऐश मुहम्मद ने बताया कि पूर्व में जो एसीओ स्तर से जो गलतियां की गई उसे सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में कुछ किसान गलत फायदा उठाते हुए उड़ान चक कटवा लिया। कहा कि शीघ्र ही सभी आपत्तियों, समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा
