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सरकारी जमीन पर कब्जे से बाधित रास्ता, 500 बच्चों का भविष्य अटका।

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गंगटही में दो स्कूल एक ही परिसर में, कीचड़ और खेतों से होकर पढ़ने जाते हैं छात्र-छात्राएं।

सहजनवां- गोरखपुर ।

शिक्षा के अधिकार की बातें हर मंच पर होती हैं, लेकिन सहजनवा विकासखंड के गंगटही गांव में हकीकत कुछ और ही है। यहां राजकीय हाई स्कूल और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हैं, पर मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए आज तक पक्का रास्ता नहीं बन सका। सरकारी जमीन पर कब्जे और प्रशासनिक उदासीनता के कारण सैकड़ों बच्चों को रोज कीचड़, पानी और खेतों के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।

गांव के दोनों स्कूल मुख्य मार्ग से महज थोड़ी दूरी पर हैं। कागजों में स्कूल तक जाने का रास्ता दर्ज है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। स्थानीय लोगों के अनुसार रास्ते वाली सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। बच्चे पानी भरे खेतों और फिसलन भरे रास्तों से गुजरते हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई बार छोटे बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। लड़कियों को आने-जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कई बार लेखपाल, ग्राम प्रधान और खंड शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की तरफ से सिर्फ आश्वासन मिले हैं, समाधान नहीं।

गांव के अभिभावक राजेश कुमार बताते हैं: अगर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर संपर्क मार्ग बना दिया जाए तो 500 से अधिक बच्चों को सीधी राहत मिल जाएगी। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों खतरे में हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित और सुगम रास्ता नहीं मिलेगा, तब तक शिक्षा के अधिकार की बातें अधूरी रहेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि तत्काल राजस्व टीम भेजकर सरकारी भूमि का सीमांकन कराया जाए। कब्जा हटाकर हाई स्कूल और पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगटही तक पक्का रास्ता बनाया जाए।

फिलहाल दोनों स्कूलों के शिक्षक, बच्चे और अभिभावक इसी उम्मीद में हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और जल्द इस बुनियादी समस्या का समाधान होगा, ताकि पढ़ने वाले हर बच्चे को सम्मान के साथ स्कूल आने-जाने का रास्ता मिल सके।

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