संत कबीर नगर से बड़ी खबर – 300 वर्ष प्राचीन बाबा बैजूनाथ मंदिर धराशायी ।

0

– धनघटा तहसील के बंसवारी गांव में स्थित था पौराणिक शिव मंदिर ।

धनघटा, संतकबीर नगर ।

धनघटा तहसील अंतर्गत बंसवारी गांव में राम जानकी मार्ग के निकट स्थित प्राचीन बैजूनाथ मंदिर का गर्भ गृह गुरुवार को दोपहर में धराशायी हो गया। मंदिर धराशायी होने का कारण बुधवार रात शुरू हुई लगातार बारिस बताया जा रहा है। डीएम आलोक कुमार, एसपी सन्दीप कुमार मीना ने मौके का जायजा लिया।

पिछले माह बैजूनाथ मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में आये सीएम योगी आदित्य नाथ ने शिव मंदिर में पूजन अर्चन किया था। मंदिर के कायाकल्प के लिए 69 लाख रुपये स्वीकृत किया गया था। पर्यटन विभाग कार्य शुरू करता इससे पहले ही मंदिर का गर्भ गृह धराशायी हो गया। साथ ही मंदिर के निकट चार माह पूर्व क्षेत्र पंचायत से एक करोड़ की लागत से बना व्यायाम शाला भी धराशायी हो गया।

– साढ़े तीन सौ वर्ष पूर्व ऐतिहासिक राम जानकी मार्ग के निकट बंसवारी गांव में स्थित बाबा बैजूनाथ मंदिर को बाबा राम दहल ने मंदिर का निर्माण किया था। शनै शनै पौराणिक मंदिर क्षेत्र में श्रद्धा का केंद्र बन गया। राम दहल के परलोक सिधारने के बाद उनके पुत्रो केदारनाथ, नागेंद्र, गायत्री, अनिल गोविंद ने मंदिर की जिम्मेदारी संभाली। उक्त लोगो के परलोक सिधारने के बाद वर्तमान में मंदिर की जिम्मेदारी विवेक संभाल रहे थे।

– बाबा बैजुनाथ मंदिर पर प्रतिदिन सैकड़ो शिव भक्तों की भीड़ लगती थी। सावन माह में कांवड़िए पहुंचकर शिव का जलाभिषेक करते थे। इसके अलावाअन्य मांगलिक कार्य संपन्न होते थे।

– पिछले माह बंसवारी स्थित बाबा बैजूनाथ मंदिर पर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ के पहुंचने से लोगो मे मंदिर के विकास की उम्मीद जगी। शासन ने धार्मिक स्थल के विकास के लिए 69 लाख रुपये स्वीकृत किया। लेकिन मंदिर पर विकास कार्य शुरू होता इससे पूर्व मंदिर का गर्भ गृह धराशायी हो गया।

मंदिर का गर्भ गृह धराशायी होने की सूचना मिलते ही डीएम आलोक कुमार, एसपी सन्दीप कुमार मीना, विधायक गणेश चन्द चौहान, नगर पंचायत हैंसर धनघटा अध्यक्ष प्रतिनिधि नीलमणी आदि नेताओं ने दौरा कर हालात का जायजा लिया।

– मंदिर के निकट बना व्यायामशाला भी धराशायी हो गया। उसे चार माह पूर्व क्षेत्र पंचायत द्वारा एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था।

– डीएम आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर गिरना दुखद है। बरसात के कारण यह प्राचीन मंदिर गिर गया। मलबे में शिवलिंग दबा हुआ है। किसी जानमाल की छति नही हुई है। मंदिर के मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिससे मंदिर स्थल पर पूजा पाठ हो सके। कहा कि इस पर भव्य मंदिर बनाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending Story

आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808... # आवश्यकता है जनपद संतकबीर नगर से एंकर /कम्प्यूटर आपरेटर (डिजाइनिंग और हिन्दी टाइपिंग अनिवार्य ) की .. सम्पर्क सूत्र- 9236660818..9453104808...