मिशन सेफ फ्यूचर अभियान: स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 31 वाहनों का चालान।
# ARTO सुशील कुमार के अगुवाई में लगातार संचालित है अभियान।
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच।
स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं संरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद में संचालित “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान के तहत शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से स्कूली वाहनों के विरुद्ध व्यापक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न विद्यालयों की बसों, वैन तथा अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 31 वाहनों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।
संयुक्त जांच अभियान का नेतृत्व एआरटीओ सुशील कुमार, पीटीओ अवधराज गुप्ता एवं यातायात प्रभारी रामप्रकाश यादव ने किया। अधिकारियों ने जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों, स्कूलों के आसपास तथा संवेदनशील स्थानों पर संचालित स्कूली वाहनों को रोककर उनका विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच के दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी, जीपीएस, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, निर्धारित क्षमता, सुरक्षा ग्रिल, सीटों की स्थिति तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। जिन वाहनों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान संबंधित वाहन स्वामियों एवं संचालकों से शपथ-पत्र भी प्राप्त किए गए। उन्होंने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि जब तक उनके वाहन शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हो जाते, तब तक उनका संचालन नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शपथ-पत्र देने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन संचालित पाए गए तो संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि “मिशन सेफ फ्यूचर” का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विद्यालय प्रबंधन, वाहन स्वामी एवं चालक सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस ने सभी विद्यालयों के प्रबंधकों, वाहन संचालकों तथा अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करें। केवल फिटनेस एवं अन्य सभी मानकों को पूरा करने वाले वाहनों का ही संचालन कराया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
