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खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को दी गई वैज्ञानिक खेती की जानकारी !

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जैविक खेती, पराली प्रबंधन और मृदा संरक्षण पर दिया जोर, धान की फसल की कराई गई क्रॉप कटिंग !

ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद

आज का भारत लाइव

बहराइच।

ब्लॉक पयागपुर की ग्राम पंचायत खुटेहना में गुरुवार को आईटीसी मिशन सुनहरा कल, ग्रामीण डेवलपमेंट सर्विसेज (जीडीएस) एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में खेत बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय फील्ड-डे एवं जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, पराली प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता प्रभावित होती है। खेतों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाना जरूरी है। उन्होंने किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत और जैविक खाद तैयार करने तथा उनके उपयोग की विधियां भी बताईं।

 

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. नंदन सिंह ने फसल अवशेष प्रबंधन, पराली का उचित निस्तारण और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का खेत में उचित प्रबंधन करने से मृदा स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलती है और खेती की लागत भी कम की जा सकती है।

वरिष्ठ सस्य वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बेहतर फसल उत्पादन के लिए उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को कृषि संबंधी नवीन पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख में किसानों की सहभागिता से धान की फसल की क्रॉप कटिंग भी कराई गई। इसके माध्यम से फसल की उपज का आकलन करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर परियोजना समन्वयक नरेंद्र देव पांडेय सहित आईटीसी मिशन सुनहरा कल-जीडीएस के सहायक परियोजना समन्वयक एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पराली का उचित प्रबंधन करने की अपील की गई।

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