धान खरीद पंजीकरण में किसानों को बड़ी राहत, अब स्वयं चुन सकेंगे बोई गई फसल का विकल्प !
04 नवम्बर तक जनपद के 1600 किसानों द्वारा धान बिक्री हेतु कराया गया पंजीकरण !
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 04 नवम्बर।
शासन द्वारा धान खरीद के लिए किसान पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब खेत में बोई गई फसल का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध न होने अथवा उसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर भी पंजीकरण के अभाव में किसानों का धान बिक्री के लिए नहीं रुकेगा। नवीन व्यवसथा के तहत किसान स्वयं अपनी बोई गई फसल का विकल्प चुनकर पंजीकरण करा सकेंगे।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में ऑनलाइन फसल सर्वे के विवरण में गड़बड़ी अथवा जानकारी उपलब्ध न होने के कारण किसानों को पंजीकरण कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। शासन द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, उनकी आईडी में दर्ज सभी जमीनों का उपयोग धान बिक्री के पंजीकरण में किया जा सकेगा। यदि किसी खेत में बोई गई फसल का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है तो किसान स्वयं फसल का नाम चुन सकेंगे। इसके लिए धान, मक्का, ज्वार, बाजरा सहित अन्य फसलों के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि किसान द्वारा चुनी गई फसल एवं ऑनलाइन सर्वे में दर्ज फसल का विवरण समान होने पर उसे सही मानते हुए सत्यापित कर दिया जाएगा। वहीं, दोनों विवरणों में अंतर पाए जाने पर संबंधित प्रकरण ऑनलाइन जांच के लिए अधिकारी के पास भेजा जाएगा। अधिकारी द्वारा जांच के उपरांत उसका सत्यापन किया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि शासन का यह निर्णय पूर्व में पंजीकरण करा चुके किसानों के साथ-साथ नए पंजीकरण कराने वाले किसानों पर भी लागू होगा। इस व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाएं कम होंगी तथा अधिक से अधिक किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान आसानी से बेच सकेंगे। जनपद में 04 नवम्बर तक कुल 1600 किसानों द्वारा धान बिक्री हेतु पंजीकरण कराया गया है।
