हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास, 20-20 हजार रुपये जुर्माना!
ब्यूरो चीफ- दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अभियोगों में दोषियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 28/29 अप्रैल 2021 की रात वादी का बेटा घर में सो रहा था। बाद में वह मृत अवस्था में मिला। वादी ने अपनी बहू आशिया और गांव के ही सोनू पर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए थाना दरगाह शरीफ में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में मु0अ0सं0 169/2021 के तहत धारा 302 भादवि में अभियोग पंजीकृत किया गया।
विवेचक निरीक्षक अमित कुमार तिवारी ने साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान एवं विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध 11 जून 2021 को आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय द्वारा 12 जुलाई 2021 को आरोप विरचित किए गए।
24 अगस्त 2026 को सत्र न्यायाधीश बहराइच राजेश कुमार सिंह ने मामले में दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए धारा 302/34 भादवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोषसिद्ध अभियुक्तों की पहचान आशिया उर्फ जरीना पत्नी असलम तथा सोनू उर्फ मुनव्वर पुत्र सुभान अली, निवासीगण सासापारा, थाना दरगाह शरीफ, जनपद बहराइच के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी में थाना प्रभारी दरगाह शरीफ, मॉनीटरिंग सेल पुलिस कार्यालय बहराइच, अभियोजक गिरीशचन्द्र शुक्ला, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल संदीप मौर्या तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल महेन्द्र सोनकर की भूमिका रही।
