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द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, नंदी जन्मोत्सव पर गूंजा ‘हर-हर महादेव ।

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ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद

आज का भारत लाइव

रिसिया – बहराइच।

पंचवटी श्री सीताराम आश्रम, ऋषिभूमि, रिसिया में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव पूजन के पंचम दिवस पर श्रद्धालु भगवान शिव की महिमा में सराबोर नजर आए। कथा व्यास परमपूज्य पीठाधीश्वर संत श्री रविशंकर जी महाराज “गुरुभाई” ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा और भगवान शिव के परम भक्त नंदी महाराज के जन्मोत्सव का विस्तार से वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग आस्था और मोक्ष के प्रमुख केंद्र हैं। इनका दर्शन, पूजन और स्मरण करने से मनुष्य के पापों का क्षय होता है तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा एवं समर्पण का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

कथा के दौरान नंदी महाराज के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि नंदी सेवा, निष्ठा, धैर्य और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं। प्रत्येक शिवभक्त को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। नंदी महाराज के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उत्सव मनाया। “हर-हर महादेव”, “ॐ नमः शिवाय” और “नंदी महाराज की जय” के उद्घोष से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा।

कथा के उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पार्थिव पूजन एवं रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों की कथा एवं पार्थिव पूजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

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