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दीक्षा आरंभ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक दायित्व का संदेश।

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ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद

आज का भारत लाइव

रिसिया, बहराइच!

गायत्री विद्यापीठ पीजी कॉलेज के शांति देवी सभागार में बुधवार, 3 सितंबर 2026 को नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शन हेतु ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ चरित्र, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के संस्थापक परिवार के प्रतिनिधि डॉ. मुरारी लाल श्रीवास्तव ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

वहीं इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रीति मुरारी श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को चरित्र निर्माण एवं अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए देश और समाज के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन कर रहे डॉ. मुकेश चंद श्रीवास्तव ने युवाओं को भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया तथा ‘दीक्षा आरंभ’ कार्यक्रम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिव्य दर्शन तिवारी ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की नियमावली से अवगत कराते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का समाज और राष्ट्र के प्रति भी महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा का सदुपयोग करते हुए समाज एवं देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि परिवार में उच्च शिक्षित युवा की अपनी विशेष जिम्मेदारी होती है। विद्यार्थियों को अपने आचरण, ज्ञान और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए तथा देश को विश्वगुरु बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. पवन वर्मा, डॉ. मिथिलेश चौधरी, डेविड पांडे, शिवम टंडन एवं हीरालाल सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की नियमावली का पालन करने, अनुशासित जीवन जीने तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

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