सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने एवं किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर !
डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला सहकारी विकास समिति की बैठक सम्पन्न !
ग्रामीण क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होंगी सहकारी समितियां !
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच।
जिला राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सहकारी विकास समिति की बैठक के दौरान ए.आर. को-आपरेटिव डी.के. सिंह ने बताया कि जिले की सभी पंचायतों/गाँवों को बहुउद्देशीय पैक्स या प्राथमिक डेयरी/मत्स्य पालन सहकारी समितियों जहां जैसी भी स्थिति को आच्छादित कराया जाना है। श्री सिंह ने बताया कि जनपद की 136 न्याय पंचायतों में 111 बी-पैक्स पूर्व से गठित हैं, शेष 25 न्याय पंचायतों के सापेक्ष 24 बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियां (बी-पैक्स) का गठन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत स्तर पर 20 बी-पैक्स समितियों का गठन भी कराया जा चुका है।
ए.आर. को-आपरेटिव ने बताया कि जनपद में दुग्ध विभाग की 306 समितियों के सापेक्ष 195 समितियां क्रियाशील हैं जबकि 111 समितियां बन्द है। जनपद में जिला योजनान्तर्गत 05 एवं नन्द बाबा योजनान्तर्गत 40 कुल 45 नई समितियों को निबन्धित किया गया है। इसी प्रकार मत्स्य विभाग द्वारा 48 मत्स्य जीवी सहकारी समितियों के सापेक्ष 35 समितियां क्रियाशील तथा 13 समितियां निष्क्रिय हैं। वर्तमान में 02 नई समितियों का गठन कराया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस को अद्यतन एवं नियमित किया जाना है। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस अन्तर्गत पोर्टल पर जनपद में सहकारिता विभाग की कुल 174 बी-पैक्स, मत्स्य विभाग की 48 मत्स्य समितियां एवं दुग्ध विभाग की 290 समितियों की आनलाइन फीडिंग करायी जा चुकी है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने निर्देश दिया कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार समस्त ग्राम पंचायतों एवं गांवों को सहकारी समितियों से आच्छादित कराया जाय। उन्होंने कहा कि आज भी भारत गांवों में ही बसता है। ग्रामीण विकास के लिए सहकारी समितियां जीवन रेखा के समान हैं। सहकारी समिति के माध्यम से ग्रामवासियों को सहभागिता के साथ विकास का अवसर मिलता है। डीएम ने निर्देश दिया कि जनपद में स्थापित समस्त सहकारी समितियों को जीवित ही नहीं किया जाय बल्कि उन्हें पूरी संजीदगी के साथ संचालित भी किया जाय।
डीएम ने कहा कि कृषि प्रधान जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दुग्ध एवं मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि दुग्ध, मतस्य एवं कृषि के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास लाने में समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डीएम ने निर्देश दिया कि समिति के माध्यम से समितियों के भवनों का सर्वे कराकर फर्नीचर की उपलब्धता तथा भवनों की मरम्मत इत्यादि के कार्य हेतु प्रस्ताव तैयार लिया जाय। इस अवसर पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता डी.के. सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी नगेन्द्र तिवारी, सीवीओ डॉ राजेश कुमार उपाध्याय व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
