अखिलेश यादव के नेतृत्व में 1 अक्टूबर को लखनऊ में जुटेगी ताकत: लोकतंत्र सेनानियों ने सरकार पर बोला तीखा हमला ।
संतकबीर नगर: –
देश में 25 जून 1975 को थोपे गए आपातकाल के खिलाफ 21 महीनों तक जेल की कालकोठरियों में अमानवीय यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सब्र अब पूरी तरह जवाब दे गया है। संतकबीर नगर के लोकतंत्र सेनानियों ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दो टूक कहा है कि उनके अधिकारों और मानवाधिकारों को इस तरह से दफन नहीं किया जा सकता। सेनानियों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए आरोप लगाया है कि आज उन्हीं के त्याग, संघर्ष और बलिदान के बल पर देश और प्रदेश में ‘डबल इंजन’ की सरकारें मलाई काट रही हैं, लेकिन उनके हितों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
‘मुलायम-अखिलेश ने दिया सम्मान, भाजपा राज में उपेक्षा’ –
गुस्से से उबल रहे लोकतंत्र सेनानियों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल के बाद, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ही शासनादेश जारी कर उन्हें 20,000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि देने का ऐतिहासिक काम किया था। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने यहां तक कह डाला कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो लोकतंत्र सेनानियों का नाम लेना भी अपने लिए पाप समझते हैं।
1 अक्टूबर को लखनऊ में होगा आर-पार का शक्ति प्रदर्शन –
सरकार की कथित उपेक्षा और तानाशाही रवैये के खिलाफ अब लोकतंत्र सेनानियों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंकते हुए राजधानी लखनऊ कूच करने का ऐलान कर दिया है।
आगामी 01 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के 19 विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के ‘डॉ. लोहिया सभागार’ में प्रातः 10:00 बजे से भारतीय लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का वृहद सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
इस सनसनीखेज और बड़े राजनीतिक आयोजन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। संतकबीर नगर सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों में इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है, और सभी ने इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में हुंकार भरने के लिए अपनी जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं।
