विकसित भारत की संकल्पना पर छात्रों ने रखे प्रभावी विचार।
भाषण प्रतियोगिता में शिक्षा, युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता और जनकल्याणकारी योजनाओं पर हुई सार्थक चर्चा ।
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बेड़नापुर – बहराइच ।
केडीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, बेड़नापुर-बहराइच में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत की संकल्पना’ एवं ‘सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बीएड एवं एलएलबी के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। फार्मेसी एवं विधि विभाग की छात्राओं साक्षी अवस्थी, सुषमा गुप्ता एवं शालिनी शर्मा ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र कुमार शुक्ला तथा विशिष्ट अतिथि फार्मेसी प्राचार्य कमल कुमार पाठक रहे। कार्यक्रम का संचालन बीएड विभागाध्यक्ष सचिन श्रीवास्तव ने किया।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्र निर्माण और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक समानता और प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास से जुड़ा है। साथ ही पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।
प्रतियोगिता में श्लोक त्रिपाठी, अभिषेक गुप्ता, शैलेन्द्र शुक्ला, गरिमा सिंह, अरुण पाल, शालिनी शर्मा, इरफान अहमद, ओम जी विश्वकर्मा, राहुल कुमार मौर्य, आईना अवस्थी, बृजभूषण मिश्रा, पंकज शुक्ला, हर्षिता मिश्रा, राज अली, दीपक अली, सुशील कुमार वर्मा, अंकित कुमार त्रिवेदी एवं नैंसी कुमारी ने प्रतिभाग किया।

परिणाम में बीएड विभाग से पंकज शुक्ला ने प्रथम, अंकित कुमार त्रिवेदी ने द्वितीय तथा हर्षिता मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं विधि विभाग से श्लोक त्रिपाठी प्रथम, शैलेन्द्र शुक्ला द्वितीय एवं गरिमा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, तार्किक क्षमता और सामाजिक जागरूकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विधि विभागाध्यक्ष आस्था त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर शिवाजी अवस्थी, रामेंद्र मणि त्रिपाठी, मानस पाण्डेय, प्रमोद श्रीवास्तव, अरुण सोनी, हिमांशु मिश्रा सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

