मेडिकल कॉलेज बहराइच ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि।
मण्डल में पहली बार दूरबीन विधि से कंधे के जोड़ की बैंकर्ट रिपेयर सर्जरी सफल।
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 26 अगस्त।
महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय, बहराइच ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्थि रोग (हड्डी रोग) विभाग द्वारा मण्डल में पहली बार अत्याधुनिक दूरबीन विधि (शोल्डर आर्थ्राेस्कोपी) के माध्यम से कंधे के जोड़ की बैंकर्ट रिपेयर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। लंबे समय से कंधे के जोड़ की गंभीर समस्या से पीड़ित 38 वर्षीय एक मरीज का आधुनिक आर्थ्राेस्कोपिक तकनीक द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। मरीज के नाम एवं अन्य व्यक्तिगत विवरण गोपनीयता की दृष्टि से सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

अस्थि रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. (प्रो.) मिथिलेश कुमार ने बताया कि मरीज कंधे के जोड़ की बैंकर्ट चोट से ग्रसित था। इस प्रकार की चोट में कंधे का जोड़ बार-बार अपनी जगह से खिसकने अथवा अस्थिर होने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। मरीज की स्थिति को देखते हुए अत्याधुनिक शोल्डर आर्थ्राेस्कोपी तकनीक के माध्यम से बैंकर्ट रिपेयर सर्जरी की गई। उन्होंने बताया कि दूरबीन विधि से की जाने वाली इस सर्जरी में छोटे-छोटे छिद्रों के माध्यम से कैमरा एवं विशेष उपकरणों का उपयोग कर कंधे के जोड़ के अंदर की चोट का उपचार किया जाता है। यह आधुनिक तकनीक मरीजों को बेहतर एवं उन्नत उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस जटिल एवं सफल ऑपरेशन में डॉ. (प्रो.) मिथिलेश कुमार के साथ अस्थि रोग विभाग की टीम एवं अन्य सहयोगी स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग की ओर से डॉ. आशीष ने ऑपरेशन के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान किया। ऑपरेशन के उपरांत मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. (प्रो.) संजय खत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर अस्थि रोग विभाग एवं ऑपरेशन टीम को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज बहराइच निरंतर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की जटिल एवं आधुनिक सर्जरियां मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बहराइच एवं आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर से बेहतर और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर प्राप्त हो सकें। यह सफलता महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बहराइच के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है तथा क्षेत्र में उन्नत आर्थ्राेस्कोपिक एवं अस्थि रोग चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
