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संविधान की धारा 341 से भेदभाव खत्म करने की मांग, दलित मुसलमानों और ईसाइयों को आरक्षण देने के लिए सौंपा गया ज्ञापन।

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ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य

 संत कबीर नगर-

जनपद अंतर्गत जिला अधिकारी कार्यालय ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मु0 इसहाक अंसारी द्वारा संविधान की धारा 341 से भेदभाव खत्म करने की मांग, दलित मुसलमानों और ईसाइयों को आरक्षण देने के लिए जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन ।

आपको बताते चले की ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मु0 इसहाक अंसारी द्वारा संविधान की धारा 341 के पैरा 3 के तहत धार्मिक पाबंदियों को खत्म करने और दलित मुसलमानों तथा ईसाइयों को दलित आरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग की गई है।

26 जनवरी 1950 को जब देश का संविधान लागू हुआ था, तब दलित आरक्षण में किसी भी मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं था। इसके 7 महीने बाद, 10 अगस्त 1950 को तत्कालीन सरकार द्वारा एक अध्यादेश जारी किया गया, जिसके तहत केवल हिंदू दलितों को आरक्षण का लाभ मिलने का प्रावधान किया गया।

वर्ष 1956 में इसमें सिख समुदाय और वर्ष 1990 में बौद्ध समुदाय के लोगों को शामिल कर लिया गया, लेकिन आज भी मुस्लिम और ईसाई मजहब के मानने वाले इससे वंचित हैं।

प्रमुख माँगे और तर्क:-

वक्ताओं का कहना है कि जब संविधान देश के सभी नागरिकों को बराबरी का हक देता है, तो मुसलमान और ईसाई समुदाय के लोग इससे बाहर क्यों हैं।

नौकरियों, प्रधान, एमएलए, एमपी तथा नगर पालिका जैसे तमाम संवैधानिक और चुनावी पदों पर आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर इन समुदायों को भी मिलना चाहिए।

सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, देश का मुस्लिम समाज दलितों से भी बदतर जिंदगी गुजार रहा है, इसलिए उन्हें भी इसके दायरे में लाने के लिए महामहिम राष्ट्रपति और सरकार से गंभीर कदम उठाने की अपील की गई है।

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