अंतर्जनपदीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर दबोचे।
# महुली पुलिस व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई: 5 चोरी की बाइकें और 3 मोबाइल बरामद।
ब्यूरो रिपोर्ट – (के.पी. मौर्य)
संतकबीरनगर- जिले में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधी नियंत्रण अभियान के तहत महुली पुलिस और सर्विलांस/एंटीथेफ्ट सेल की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने विभिन्न जिलों से दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।
अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी की 05 मोटरसाइकिलें और 03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मैनसिर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर पकड़ा-
पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में महुली पुलिस और सर्विलांस टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग में जुटी थी।
इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि चोरी की बाइकों के साथ गिरोह के सदस्य मैन्सिर क्षेत्र में मौजूद हैं।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मैनसिर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को धर दबोचा। बाद में उनकी निशानदेही पर मैन्सिर स्थित एक आर.ओ. प्लांट के पास से अन्य चोरी की गाड़ियाँ भी बरामद की गईं।

महंगे शौक और दैनिक खर्चों के लिए करते थे चोरी-
कड़ाई से की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वे बेरोजगार हैं। अपने महंगे शौक और दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए वे देवरिया, लखनऊ, बाराबंकी जैसे दूर-दराज के जनपदों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को औने-पौने दामों में बेचकर आपस में रकम बांट लेते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
रामचन्द्र गुप्ता पुत्र गौरीशंकर गुप्ता (निवासी: रामपुर, थाना खलीलाबाद, संतकबीरनगर)।
प्रियांशु सिंह उर्फ सिन्टू पुत्र मारकन्डेय सिंह (निवासी: खरवनिया कला, थाना महुली, संतकबीरनगर)।
कुनाल पुत्र मदन (निवासी: इमिलडिहा, थाना सहजनवा, जनपद गोरखपुर)।
बरामदगी का विवरण –
पैशन प्रो – (UP 52 AL 4933)!
सुपर स्पलेंडर – (UP 32 JR 9802)!
पल्सर – (UP 83 BS 1316)!
हीरो एचएफ डीलक्स – (बिना नंबर प्लेट)!
पल्सर 150 सीसी – (बिना नंबर प्लेट)!
03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन!
कानूनी कार्रवाई-
मामले में थाना महुली पर मु.अ.सं. 302/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), और 112(2) में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस बरामद वाहनों के आपराधिक इतिहास व अन्य जनपदों में दर्ज मुकदमों की जानकारी जुटा रही है। अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
