खलीलाबाद में खूनी खेल- 9 लाख की ‘क्रेटा’ के चक्कर में ताबड़तोड़ फायरिंग, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचे 8 शातिर, 3 गाड़ियां और पिस्टल जब्त!
संतकबीर नगर।
जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के उतरावल गांव में सोमवार की रात उस समय हड़कंप मच गया, जब पैसों के लेनदेन और एक सीज कार के विवाद में बदमाशों ने एक मुर्गी फार्म पर धावा बोल दिया। जान से मारने की नीयत से की गई इस दुस्साहसिक फायरिंग की वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि, संतकबीरनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी ‘केसी’ समेत 08 शातिर अभियुक्तों को दबोच लिया है।
पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल 9 mm की अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा और तीन आलीशान चार पहिया गाड़ियां (स्कॉर्पियो, वेन्यू और क्रेटा) बरामद की हैं।
आधी रात को मुर्गी फार्म पर तांडव, बाल-बाल बची जान –
घटना सोमवार (15 जून 2026) की रात करीब 8:30 बजे की है। उतरावल गांव के रहने वाले वीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म पर अचानक तीन गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों से उतरे बदमाशों ने वीर बहादुर को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मुख्य आरोपी कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी ने जान से मारने की नीयत से वीर बहादुर पर सीधे फायर झोंक दिया।
गोली चलते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। वीर बहादुर ने किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई। शोर-शराबा और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटते देख आरोपी मौके से भागने की फिराक में थे, लेकिन तभी पुलिस की टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।
मुर्गी फार्म में छिपे थे बदमाश, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा –
पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप कुमार मीना के कड़े निर्देश और ASP सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कोतवाली प्रभारी जय प्रकाश दुबे ने भारी पुलिस बल के साथ उतरावल गांव के वीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म पर ही आरोपियों को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने मौके से सभी 8 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की सूची:-
1. कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी (मुख्य आरोपी – घटरम्हा तितौवा, खलीलाबाद)
2. दीपक पाण्डेय (पिपरा/तितौवा, खलीलाबाद)
3. हनीपाल उर्फ गौरवपाल (कोहना, महुली)
4. दुर्गेश यादव (सिसवनिया, महुली)
5. दुष्यन्त राय (घटरम्हा, खलीलाबाद)
6. तुषार गुप्ता (रौरापार, खलीलाबाद)
7. झिन्नू कन्नौजिया (घटरम्हा, खलीलाबाद)
8. देवेन्द्र प्रताप सिंह (धमरजा, खलीलाबाद)।
खुलासा: 9 लाख की ‘क्रेटा’ बनी दुश्मनी की वजह-
पुलिस की कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी केसी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। केसी ने बताया कि करीब 4 महीने पहले उसने वीर बहादुर राय से 9 लाख रुपये में एक क्रेटा कार खरीदी थी। वह कार किसी अन्य कानूनी मामले में थाने में सीज हो गई। कार को कोर्ट से छुड़ाने (रिलीज कराने) के लिए वीर बहादुर पुलिस और कोर्ट की कागजी कार्रवाई में केसी का सहयोग नहीं कर रहा था। इसी रंजिश और गुस्से में आकर केसी ने अपने साथियों को इकट्ठा किया और तीन गाड़ियों में असलहे भरकर वीर बहादुर को ठिकाने लगाने पहुंच गया।
लगीं गंभीर धाराएं:-
पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 352, 351(3), 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन, भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमों में 3/7/25/27 आयुध अधिनियम (Arms Act) की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं।
अपराध की दुनिया के पुराने खिलाड़ी हैं आरोपी –
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए बदमाश शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है:
कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी – इसके खिलाफ पहले से ही खलीलाबाद थाने में बलवा, पुलिस पर हमला, रंगदारी और जानलेवा धमकी के 3 बड़े मुकदमे दर्ज हैं।
देवेन्द्र प्रताप सिंह- इसके खिलाफ पहले से ही धारा 307 (हत्या का प्रयास) और एससी/एसटी एक्ट समेत 2 गंभीर मामले दर्ज हैं।
दुष्यन्त राय:- इस पर भी साल 2022 में हत्या के प्रयास (धारा 307) का संगीन मामला दर्ज है।
जब्त किया गया माल-
– 01 अवैध पिस्टल (9 mm)।
– 01 जिंदा कारतूस और 01 खाली खोखा (9 mm)।
गाड़ियां:-
स्कॉर्पियो (UP51BM7272), वैन्यू (UP58AF2111) और क्रेटा (UP53FR4449)।
जांबाज पुलिस टीम जिसने किया भंडाफोड़ –
इस बड़े गैंग को दबोचने में उप-निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, इन्द्रभूषण सिंह, अनिल कुमार यादव के साथ ही कांस्टेबल कमलेश यादव, सूर्यप्रकाश यादव, रघुवंश प्रसाद, शमशेर अली, विकास पाठक, विजय कुमार और सूरज मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस प्रशासन ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।
(सीओ खलीलाबाद -:प्रियम राजशेखर पाण्डेय)
